अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
ट्रेन ब्लास्ट मामले में आईएस का हाथ होने को लेकर यूपी पुलिस और मध्य प्रदेश सरकार के बयानों से नया विवाद पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा था कि आईएस ने ब्लास्ट को अंजाम दिया है जबकि यूपी पुलिस का कहना है कि आतंकवादियों के आईएस से सीधे जुड़े होने के कोई सबूत नहीं हैं।
बुधवार को लखनऊ में आतंकी सैफुल्लाह के एनकाउंटर के बाद यूपी के एडीजी(लॉ एंड ऑर्डर) दलजीत चौधरी ने कहा कि आतंकियों के आईएस से सीधे जुड़े होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि उन्होंने भी माना कि आतंकी आईएस से प्रभावित थे। उन्होंने सैफुल्लाह के पास से आईएस से जुड़ी सामग्री, साहित्य और झंडा बरामद हाेने की भी जानकारी दी। एडीजी के बयान पर मप्र के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस के पास तो कोई इनपुट ही नहीं था। हमारी सूचना पर ही उन्होंने 6 लोगों को पकड़ा और सैफुल्लाह का एनकाउंटर किया है। उन्होंने बताया कि विस्फोट के बाद जो सबूत मिले हैं, उन पर अल्लाहरऔर ISIS लिखा पाया गया है। सेंट्रल एजेंसी के साथ मिलकर जांच जारी है।
