साबिर खान, वसई-विरार/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में शहीद हुए जवानों को लेकर पूरे देश में गम व गुस्से की लहर दौड़ गई है। पूरे देश में जगह-जगह पर इस हमले को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है। लोग सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, साथ ही शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का सिलसिला भी जारी है।

इसी क्रम में मुंबई से लगे वसई-विरार शहर जिला पालघर में शनिवार की सुबह से ही विरोध प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। यहां आक्रोशित लोगों ने नालासोपारा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोक दी और जमकर हंगामा किया जिसे कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा।

शनीवार 16 फरवरी को वसई-विरार शहर की दुकानें, कंपनी-कारखाने व होटलें बंद रहीं। कई जगह पर लडकों के झुंड ने जबरन दुकानें व कंपनी कारखाने बंद करवा दी जो शाम तक पूरी तरह से बंद रहीं। इस दौरान कुछ शरारती तत्वों ने शहर का माहौल खराब करने की भी कोशिश की जिसे पुलिस ने नाकाम बना दिया। शहर में जहां जगह जगह शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी वहीं शरारती तत्वों ने कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की।

नालासोपारा पूर्व के संतोष भुवन से लेकर सोपारा फाटा तक शरारती तत्वों ने सड़क पर कई जगहों पर टायर जला कर गाड़ियों की आवागमन बंद कर नागरिकों में खौफ व दहशत पैदा करने की कोशिश की जिसे पुलिस ने कंट्रोल कर लिया। पुलिस ने जलते हुए टायरों पर पानी डालकर बुझाया और उसे सड़क से हटा कर गाड़ियों की आवागमन शुरू कराई।

शाम के समय सोपारा फाटा के पास कैंडल मार्च कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और अपने गम व गुस्से का इजहार किया गया।
