रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:
झाबुआ जिले के थान्दला बोहरा समाज के धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब के थांदला आने की खबर से बोहरा समाज में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। थांदला बोहरा समाज के आमील मुस्तनसीर भाई साहब, मुल्ला अलीहुसेन नाकेदार व यूसुफ भाई सैफी ने बताया कि धर्म गुरु सैयद्ना मुफद्दल मौला साहब का इसी माह की 23 फरवरी को सुबह नगर आगमन होगा। उनके आगमन को लेकर पूरा दाऊदी बोहरा समाज व्यापक तैयारियों में लग गया है। पूरे बोहरा समाज मे स्वछता को विशेष महत्व दिया जाता है इसके लिए नगर परिषद के सहयोग से विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, हर गली मोहल्लों में घर-घर रंग रोगन ओर विद्युत सज्जा की जा रही है। आयोजन की तैयारी में मदरसा, जमातखाना, मस्जिद के साथ बाहर से आनेवाले अतिथियों के लिए मेट्रो स्कूल को भी सजाया जा रहा है। सैयदना साहेब के दीदार और अन्य कार्यक्रम को सहज उपलब्ध करवाने के लिए अजीज टीनवाला, अब्देमनाफ़ कल्यानपुरावाला, सैफुद्दीन टोपीवाला, शमोईल पेटलावद वाला, अब्बास डैडी, सैफी भाई बोहरा, ताहिर भाई आदि ने कम्यूटर मोबाइल एप के साथ बड़े स्क्रीनिंग की तैयारियां की है। बोहरा समाज के मौलिम शेख ताहिर भाई, मौलिम अब्देअली भाई, शेख हैदर भाई, अलीहुसेन नाकेदार, यूसुफ भाई सैफी, शेख मुफद्दल भाई, शेख होजेफा भाई, मुकरम भाई डोकारवानी, मुर्तजा भाई कल्याणपुरा, कुरेश भाई डोकरवानी, सैफी भाई, जोहरभाई डैडी, मुस्तम भाई चिकलिया, ताहेर भाई परवट, अली असगर पटवारी सभी तैयारियों पर नजर बनाए हुए है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग करेगा सैयदना साहेब का सम्मान
सैयदना साहेब के झाबूआ जिले में पहली बार पदार्पण पर उनसे मुलाकात कर उन्हें सम्मानित करने के लिए विभिन्न समाज संगठन के प्रतिनिधि मिलने पहुँचे। सैयदना साहेब से सभी नगरवासियों की सहजता से मुलाकात हो सके बोहरा समाज ने इसके लिए विशेष कमेटी बनाते हुए यह सुनिश्चित किया है गुजरात, राजस्थान सहित निकटवर्ती क्षेत्रों के बोहरा समाज को उनके स्थानों पर ही सैयदना साहेब के कार्यक्रम आयोजित करेगा इससे चयनित लोगो के साथ नगर की जनता को सैयदना साहेब से मिलने के लिए आसानी होगी। सैयदना साहेब से भेंट कर उन्हें सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग के पवन नाहर, प्रशांत उपाध्याय, अब्दुल हक खान, श्रीमंत अरोड़ा, नीरज सौलंकी, पंकज चौरडिया आदि प्रतिनिधियों ने आमिल साहेब से भेंट कर अतिरिक्त समय की मांग की।
