रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

घटना कहीं भी हो, घटना कोई भी हो, दंगा फसाद हो या आंतकवादी हमला, बम फटे या गोलीबारी हो, इतिहास गवाह है मारे तो निर्दोष ही जाते हैं। वो ही मरते हैं जिनका कोई कसूर नहीं होता। हम मरने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, निंदा करते हैं, एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करते हैं, डींगे मारते हैं कि उपद्रवियों को छोड़ेंगे नहीं, आंतकवादीयों को बख्शा नहीं जाएगा परंतु मरने वालों के परिजनों को ना तो आज तक न्याय मिला है और ना ही मिलने की आशा है। उदाहरण के लिए प्रजातांत्रिक देश अमेरिका में 11 सितंबर को हमला हुआ, प्रजातांत्रिक देश भारत में 13 सितंबर को हमला हुआ संसद पर जो भारतीय प्रजातंत्र का हृदय कहा जाता है। कश्मीर में हमला हुआ। आतंकियों की काली करतूत से श्रीनगर में हमला हुआ हमने क्या किया? चीखें, चिल्लाएं, निंदा प्रस्ताव पारित किए यहां तक की सेना भी तैनात कर दी, करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाये, कुछ जवानों की बलि दे दी परंतु अंतर्राष्ट्रीय दबाव नामक हव्वा आया और हमें डरा गया। हम डरे और फिर वही पुराना राग अलापा पाकिस्तान आंतकवाद को पोषित करना बंद करे अन्यथा आर पार की लड़ाई होगी। आखिर कब तक यह चलेगा? कब तक हम अपने जवानों की बलि देते रहेंगे? कब तक हम धमकियां देते रहेंगे? कब हमारे सब्र का बांध टूटेगा? कब तक हम लाशों की गिनती लगाया करेंगे? आखिर कब तक… ???

प्रेम दिवस के दिन जम्मू-कश्मीर में पुलवामा में फिदायीन हमले में हमारे 30 बह्यदुर जवान शहीद हो गए। यह अब तक का सबसे बड़ा सेना पर आतंकी हमला है जो पाकिस्तान की शह पर आतंकवादीयो ने किया है। सीआरपीएफ की करीब 70 गाड़ियों का काफिला नेशनल हाईवे से गुजर रहा था कि तभी घात लगाए बेठे आतंकियों ने यह कायराना कृत्य किया हमारे सीआरपीएफ जवान जब तक संभल पाते तभी सड़क किनारे छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों द्वारा जवाबी फायरिंग के बाद आतंकी भागने में सफल रहे।
शहीद जवानों के नाम…
1. जयमाल सिंह- 76 बटालियन
2. नसीर अहमद- 76 बटालियन
3. सुखविंदर सिंह- 76 बटालियन
4. रोहिताश लांबा- 76 बटालियन
5. तिकल राज- 76 बटालियन
6. भागीरथ सिंह- 45 बटालियन
7. बीरेंद्र सिंह- 45 बटालियन
8. अवधेष कुमार यादव- 45 बटालियन
9. नितिन सिंह राठौर- 3 बटालियन
10. रतन कुमार ठाकुर- 45 बटालियन
11. सुरेंद्र यादव- 45 बटालियन
12. संजय कुमार सिंह- 176 बटालियन
13. रामवकील- 176 बटालियन
14. धरमचंद्रा- 176 बटालियन
15. बेलकर ठाका- 176 बटालियन
16. श्याम बाबू- 115 बटालियन
17. अजीत कुमार आजाद- 115 बटालियन
18. प्रदीप सिंह- 115 बटालियन
19. संजय राजपूत- 115 बटालियन
20. कौशल कुमार रावत- 115 बटालियन
21. जीत राम- 92 बटालियन
22. अमित कुमार- 92 बटालियन
23. विजय कुमार मौर्या- 92 बटालियन
24. कुलविंदर सिंह- 92 बटालियन
25. विजय सोरंग- 82 बटालियन
26. वसंत कुमार वीवी- 82 बटालियन
27. गुरु एच- 82 बटालियन
28. सुभम अनिरंग जी- 82 बटालियन
29. अमर कुमार- 75 बटालियन
30. अजय कुमार- 75 बटालियन
31. मनिंदर सिंह- 75 बटालियन
32. रमेश यादव- 61 बटालियन
33. परशाना कुमार साहू- 61 बटालियन
34. हेम राज मीना- 61 बटालियन
35. बबला शंत्रा- 35 बटालियन
36. अश्वनी कुमार कोची- 35 बटालियन
37. प्रदीप कुमार- 21 बटालियन
38. सुधीर कुमार बंशल- 21 बटालियन
39. रविंदर सिंह- 98 बटालियन
40. एम बाशुमातारे- 98 बटालियन
41. महेश कुमार- 118 बटालियन
42. एलएल गुलजार- 118 बटालियन
ये हैं शहीद जवानों के नाम जो आज आत्मघाती हमलें में शहीद हुएँ हैं। सभी को भावभीनी श्रद्धांजलि।
