वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी की कोतवाली गोला गोकर्णनाथ में डायल 100 के एस.आई. ने अपने ही कर्मचारी से दबंगई दिखाते हुये भिड़ गया जिससे दो पुलिस कर्मचारियों में विवाद होने लगा। आपस में भिड़े पुलिस कर्मचारी में से एक पक्ष ने अपने पद की हनक दिखाई।
किसी ने ठीक ही कहा है कि पारिवारिक विवाद एक दूसरे की जान ले सकता है, लेकिन जब एक महत्त्वपूर्ण विभाग में ऐसा मामला देखने को मिले जो कि जनमानस को आईपीसी और कानूनी पाठ पढाता हो तो कैसा लगेगा? सूत्रों की मानें तो कोतवाली गोला गोकर्णनाथ का यह पहला मामला नहीं है लम्बे अरसे पहले एक एस.आई. और आरक्षी में भी जबर्दस्त भिड़ंत हुई थी। जनमानस का हर व्यक्ति अपनी अर्जी लेकर एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी/ कर्मचारी के पास जाता है और जब वहां पहले से ही आपसी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो ऐसे में फरियादी की गुहार कौन सुनेगा। अब यहाँ पर एक पुरानी कहावत सिद्ध होती हैं “आये थे हरि भजन ओटन लगे कपास”। आपको बताते चलें कि यह पूरा विवादित मामला पुलिस के महत्वपूर्ण विभाग डायल 100 का है जिस पर देश का जनमानस विश्वास करता है। अगर यही आलम रहा तो जनता का पुलिस पर से विश्वास हट जाएगा। अधिकारियों की मानें तो पुलिस इसी प्रयास में रहती है कि उसका व्यवहार पुलिस मित्र के रूप में बना रहे लेकिन मनोरोगी पुलिस कर्मियों की वजह से सरकार की नीतियों को आये दिन पलीता लगता जा रहा है और साथ ही एक जिम्मेदार विभाग की छवि भी धूमिल हो रही हैं। इसी प्रकार का एक प्रकरण कोतवाली गोला गोकर्णनाथ में उस समय देखने और सुनने को मिला। 100 डायल पी.आर.बी. 2864 के चालक होमगार्ड सुनील शुक्ला की मानें तो अपनी गाड़ी खड़ी कर ड्यूटी बदलने जा रहे थे तभी अचानक कोतवाली गेट के पास खड़ी महिला ने अपना दुखड़ा सुनाना चाहा तो उक्त होमगार्ड ने दीवान या किसी दरोगा को प्रार्थना पत्र देने को कहा तभी पास में खड़े पी.आर.बी.2864 के प्रभारी रामदेव मौर्य के पास पीड़ित महिला अपनी समस्या को लेकर पहुंची, उसे नहीं पता था कि मेरी समस्या का समाधान यहाँ पर हो पाना संभव नहीं और जैसे ही अपने मामले को बताना शुरू किया कि वह अचानक आग बबूला हो गए और होमगार्ड को गंदी गंदी भद्दी गालियां देते हुए मारने के लिए दौड़े। कोतवाली परिसर में अचानक शोरगुल सुनकर एस.आई. कन्हैया यादव, कुलदीप आदि तमाम लोग दौड़कर डायल 100 के प्रभारी एस.आई. रामदेव मौर्य को बीच बचाव के लिए पकड़ने लगे। तब होमगार्ड सुनील शुक्ला किसी प्रकार अपनी जान बचाकर कोतवाल के ड्राइवर के पास जा छिपा। होमगार्ड सुनील शुक्ला ने एस.आई. के विरुद्ध कोतवाली में तहरीर दी है। अब देखना यह है कि पुलिस की मुखिया कोतवाली परिसर में हो रही महाभारत के विरुद्ध क्या कार्रवाई करती है या फिर ये सब आये दिन यूँ ही चलता रहेगा।
