फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ बहराइच (यूपी), NIT:

पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी से जनपद में भी मौसम का मिजाज बिल्कुल बदल सा गया है। घने कोहरे के साथ चल रही पछुआ हवाओं से गलन बढ़ने लगी है। आलम यह है कि न्यूनतम पारा सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। सोमवार सुबह घने कोहरे के साथ आसमान में बादल छाये रहे। पछुआ हवाओं के रफ्तार पकड़ने से कोहरा छटा। दोपहर में सूरज के दर्शन भी हुए लेकिन गलन से राहत नहीं मिली। शाम को सूरज ढलते ही सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढा दी। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले 36 से 48 घण्टे में बारिश की फुहारें पड़ सकती हैं जिससे पारा और भी लुडकने का पूरा आसार है। मंगलवार सुबह से ही घने कोहरे की चादर ने सूर्य देवता को पूरी तरह ढांक लिया। सुबह का न्यूनतम पारा 7 डिग्री सेल्सियस रहा वहीं सर्द पछुआ हवाओं ने गलन बढाने में चार चांद लगा दिये। मौसम के बदले मिजाज के बीच आसमान में दिन भर बादल छाए रहे। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अगले 36 से 48 घण्टे के भीतर वर्षा होने की प्रबल सम्भावनाएं हैं जी दस मिमी तक हो सकती है वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो बदले मौसम का मिजाज रबी की फसलों के लिये अत्यन्त ही लाभकारी है जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। सुबह से जनपद में छायी कोहरे के चादर के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नज़र आये वहीं स्कूल जाने वाले मासूम भी इस शीतलहरी वाली सर्द हवाओं के बींच ठिठुरते नज़र आये।
