रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, झाबुआ (मप्र), NIT:

भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में जबरदस्त बर्फबारी के साथ ही सर्द हवाओं के कारण मौसम ने करवट ले ली है और मध्यप्रदेश फिर से ठिठुरने लगा है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस श्योपुर में दर्ज किया गया है।
मौसम विज्ञानियों ने ग्वालियर-चंबल, सागर, उज्जैन और इंदौर संभाग के जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। इंदौर और रतलाम कलेक्टर ने शीतलहर की वजह से स्कूलों में अवकाश की घोषणा कर दी है। इंदौर में आठवीं तक के बच्चों की छुट्टी रहेगी। उज्जैन में भी आठवीं तक के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
रतलाम से मिली खबर के अनुसार शीतलहर के कारण जिले के सभी शासकीय अशासकीय स्कूलों में 28 जनवरी को अवकाश रहेगा। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि विद्यार्थियों को परेशानी से बचाने के लिए 28 जनवरी को सभी स्कूलों की पहली से लेकर 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं संचालित नहीं होंगी।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक उत्तर भारत में बर्फबारी के साथ ही पिछले दिनों प्रदेश के कुछ स्थानों पर बररसात होने के साथ ही हवा का रुख उत्तरी बना हुआ है। हवा की रफ्तार भी करीब 15 किमी. प्रति घंटा बनी हुई है। इससे पूरे प्रदेश में कुछ स्थानों पर दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट होने लगी है।
