मकसूद अली, ब्यूरो चीफ यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

यवतमाल में हुए 92वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन में महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्याक आयोग के पूर्व अध्यक्ष मुनाफ हकीम ने शिरकत की। इस मौके पर उनके साथ कौमी तंजीम विदर्भ के अध्यक्ष मोहम्मद आसिम अली, जेष्ठ साहित्यिक मंसूर एजाज जोश, अडॅ वसीम पटेल, जिलाध्यक्ष मिर्झा वसीम बेग मौजूद रहे। इस दौरान मुनाफ हकीम ने जमाआत ए इस्लामी हिन्द की ओर से लगाए गए बुक स्टॉल पर पहुंच कर यहां रखी किताबों की प्रशंसा की।
वरिष्ठ इंग्रेजी लेखिका नयनतारा सहगल का निमंत्रण वापिस लेने पर उन्होंने कहा कि देश में अभिव्यक्ति की स्वातंत्रता है, किसी को अपनी बात कहने से आप कैसे रोक सकते हो?
इस संमेलन में कई विद्वानों ने अपने मत विभिन्न विषयों पर व्यक्त किये। इसका मतलब यह है कि अब इस देश में खोटे बोला पण रेटून बोला यह प्रवृत्ती नहीं चलेगी, ऐसा मुनाफ हकीम ने कहा साथ ही साहित्य संमेलन की सफलता के लिए आयोजक और यवतमाल वासियों के किए प्रयासों की उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे संमेलन की समज को जरूरत है।
