रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, ब्यूरो चीफ झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ थांदला, राणापुर, मेघनगर, आदी जगहा पर पतंगबाजी का खुमार बच्चों के सिर पर चढ़ कर बोल रहा है। अभी मकर सक्रांति में दो-तीन दिन और बचे हैं लेकिन बच्चों में पतंगबाजी करने के लिए डाेर मांझा लूटने का दौर भी चल रहा है, पतंग उड़ाने के साथ लूटने के लिए भी बच्चों की टोलियां निकल पड़ी हैं। पतंगाें काे लूटने के लिए मदहाेश हाेकर सड़काें पर दाैड़ने वाले इन बच्चाें के साथ दुर्घटना होने की संभावना भी बढ़ गई है, लेकिन परिजन हैं कि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पतंग बाजी के साथ ही बच्चों में पतंग लूटने की भी होड़ लगी रहती है। यही वजह है पतंगाें की दुकान सजने आैर उड़ने बाद से ही दर्जनों बच्चे पतंगाें को लूटने के लिए मैदान में उतर आए हैं। एक हाथ में लूटी हुई पतंग आैर दूसरे हाथ में कांटों से लगा बांस लेकर यह बच्चे सुबह से ही नगर की सड़कों पर पतंग लूटने के लिए निकल पड़ते हैं। पूरा ध्यान पतंग को लूटने में लगा कर सड़क पर दौड़ लगाते यह बच्चे कई बार वाहनाें से टकरा कर घायल भी हाे चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी इन बच्चों के परिजनों द्वारा इस ओर काेई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
