ताहिर मिर्ज़ा. उमरखेड़/यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

हर दिन बढ़ती बेरोजगारी और मुश्किल में फंसे आम नागरिकों में सबसे ज़्यादा मिस्त्री, मकानों के ठेकेदार के साथ अन्य मज़दूरों पर भुखमरी की नौबत आ पड़ी है, इसकी वजह है नदियों में रेत की निकासी पर प्रशासन की मंजूरी ना होना। रेत के व्यवसाय से जुड़े हर मज़दूर पर अब अपना परिवार पालना मुश्किल हो रहा है। सरकार की तरफ से नदियों रेत की निकासी के टेंडरों की जल्द से जल्द नीलामी की मांग को लेकर उमरखेड़ में बांधकाम मज़दूरों की तरफ से एक मूक मोर्चे का आयोजन किया गया। यह मोर्चा शहर के टीपु सुल्तान चौक से होता हुआ संजय गांधी चौक, शिवजी चौक, से होता तहसील कार्यालय पर समाप्त हुआ। मोर्चे में शामिल सभी लोगों ने उपविभागीय अधिकारी को एक निवेदन दे कर रेत के नीलामी की मांग की। इस मूक मोर्चे में शहर के सभी मज़दूर वर्ग के लोग सैकड़ों की तादात में शामिल थे।
