अभियोजन अधिकारी की आपत्ति पर गोवंश का अवैध परिवहन करने वाले आरोपियों का ज़मानत आवेदन निरस्त कर माननीय न्यायालय ने भेजा जेल | New India Times

मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

अभियोजन अधिकारी की आपत्ति पर गोवंश का अवैध परिवहन करने वाले आरोपियों का ज़मानत आवेदन निरस्त कर माननीय न्यायालय ने भेजा जेल | New India Times

अभियोजन अधिकारी श्री सु‍नील कुरील की आपत्ति पर न्यायिक दण्डाधिकारी श्री रवि नायक द्वारा द्वारा अवैध गोवंश परिवहन के मामले में आरोपी युनुस (32) पिता मो. इक़बाल, निवासी खण्डवा को दिनांक 22/01/2019 तक के लिए जेल भेजा।

प्रकरण की विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए अभियोजन अधिकारी श्री सुनील कुरील ने बताया गया कि दिनांक 05-01-2019 को मुखबिर द्वारा थाना गणपति नाका के सहायक उप निरीक्षक लियाकत मंसूरी को सूचना दी गई कि ट्रक क्रमांक एम.पी.09 एच.जी. 4500 से गौवंश को महाराष्ट्र वध के लिए भेजा जा रहा है। उक्त सूचना पर से श्री मंसूरी द्वारा स्वतंत्र साक्ष्यों और अन्य पुलिसकर्मियों को अवगत कराया गया। इसके बाद घटना स्थल इन्दौर -इच्छापुर रोड पर एम.पी. 09 एच.जी. 4500 को पुलिस अधिकारियों द्वारा रोका गया। उक्त ट्रक की त्रिपाल खोलने पर तीन बैल, 44 जीवित बछडे और 01 मृत बछडा दिखा। बैल और बछडो के मुंह और पैर रस्सियो से क्रुरता पूर्वक बांधे गये थे। ट्रक में डबल पाटेसन कर क्रुरतापुर्वक भरा गया था। ट्रक में आरोपी अजहर और अमजद थे। उनसे पुछताछ करने पर उन्होंने बताया कि ट्रक आरोपी युनुस का है और हम लोग अवैध रूप से गौवंश को वध करने के लिए महाराष्ट्र ले जा रहे थे। पुलिस ने ट्रक और गौवंश को जप्त किया और आरोपीगण को गिरफ्तार किया। इसके पश्चात कार्यवाही कर आरोपीगण के विरूध्द धारा 4,6,9 म.प्र. गौवंश प्रतिषेध अधिनियम एवं 11(घ) पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबध्द किया गया तथा अभियुक्त को गिरफ्तार कर मा. न्यातयालय के समक्ष प्रस्तुत किया। आरोपी युनुस ने अपनी जमानत का आवेदन प्रस्तुत किया। ज़मानत आवेदन पर अभियोजन अधिकारी श्री सुनील कुरील द्वारा इस आधारों पर आपत्ति ली गई कि, प्रकरण में विवेचना पूर्ण नही हुई है। आरोपीगण द्वारा किया गया अपराध मासूम और बेज़ुबान पशुओं के विरूध्द क्रुरता से संबंधित होकर गंभीर प्रकृति का है। यदि आरोपीगण को ज़मानत दी जाती है तो इनके द्वारा साक्ष्य से छेड़छाड़ करने व साक्षीयों को डराने धमकाने की संभावना है। मा. न्यायालय द्वारा अभियोजन अधिकारी की आपत्ति को ध्यान में रखते हुये आरोपी युनुस का आवेदन निरस्त कर तीनों आरोपीगण को दिनांक 22/01/2019 तक के लिए जेल भेज दिया ।

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