फ़राज़ अंसारी, बहराइच ( यूपी ), NIT; 
बहराइच जिला अस्पताल में मरीजों के साथ लापरवाही बरतने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कही मरीज के बिस्तर पर चादर नहीं है तो कही गन्दी चादर पर लेटने को मरीज मजबूर हो रहे हैं जिस कारण में मरीजो में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। इलाज़ कराकर सेहत ठीक करने आये मरीज खुद संक्रामक रोगों की चपेट में आ जाते हैं, यही नहीं दवा व इंजेक्शन लगाने में भी स्वास्थ्य कर्मी घोर लापरवाही बरतते हैं। ऐसे में मरीजों का इलाज़ राम भरोसे ही हो रहा है।
कहने को तो सुबह और शाम को मुख्य चिकित्सा अधिक्षक पूरे अस्पताल के सभी वार्डो का दौरा करके चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लेते हैं लेकिन सब कुछ जानते हुए भी लापरवाह स्वास्थ कर्मियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की जाती है।
ऐसे में सी एम एस का दौरा भी महज एक दिखावा बनकर रह गया है। सवाल यह उठता है कि आखिर बड़े अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी? कब तक बीमार और मजबूर मरीज अस्पताल की लापरवाही का शिकार होते रहेंगे???
