सरवर खान जरीवाला, भोपाल, NIT;
मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव एक बार फिर विवादों में हैं। आज विकलांगता दिवस के अवसर पर वह दिव्यांगों के बीच में पहुंचे तो लेकिन नाराजगी के चलते उन्हें उलटे पैर वापस होना पडा। मंत्री का यह रवैया दिव्यांगों के प्रति सरकार के सहानुभूतिपूर्ण रुख के विल्कुल विपरीत है।
मंत्री गोपाल भार्गव और दिव्यांगों के बीच यह वाक्या भोपाल में रविन्द्र भवन में आयोजित समारोह के दौरान हुआ। इसमें सबसे हैरत में डालने वाला तथ्य यह भी है कि आयोजन के कर्ता-धर्ता सत्ताधारी भाजपा के प्रकोष्ठ के नेता ही थे। सूत्रों की मानें तो समारोह में बुलाये गये सैकड़ों दिव्यांगों को आज सहायता उपकरण वितरित किए जाने थे लेकिन स्थिति इसके विपरीत हुई। मंत्री जब यहां पहुंचे तो दिव्यांगों ने नारेबाजी शुरू कर दी और इसके बाद मंत्री आयोजकों पर भड़क गए। विरोध के बीच में ही मंत्री भार्गव समारोह से बैरंग वापस हो गए। बताया जा रहा है कि दिव्यांगों की सहायता के लिए मंत्री ने मदद का आश्वासन दिया था लेकिन बाद में आयोजकों को कोई सहायता नहीं दी गई। जिसकी वजह से यह अव्यवस्था फैल गई। उधर कल भोपाल के जम्बूरी मैदान में होने वाले वृहद सरकारी आयोजन के पहले मंत्री भार्गव का सामाजिक संगठनों और दिव्यांगों के प्रति यह रवैया सुर्खियों में आ गया है और पार्टी के ही कई प्रभावशाली नेता इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं।
