अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ धुळे/ नंदुरबार (महाराष्ट्र), NIT:

विपक्ष द्वारा धुलिया महानगर पालिका चुनाव में EVM हैकिंग के आरोपों का सामना कर रही भाजपा के खिलाफ़त में उठा मुखर विरोध का गुबार अचानक थम सा गया है जिससे भाजपा को फ़िलहाल काफी राहत मिली है तो वहीं इन सब गतिविधियों के दौरान EVM हैकिंग के लिए की गई ठगी की साफ सुथरी खबरें जो मीडिया में चल रही थी वह भी बगैर जांच के किसी पर कोई आंच आने से पहले हवा हो गयी है।
लोकल मिडीया सोर्सेस के रिपोर्टिंग के मुताबीक धुलिया निकाय का चुनाव हार चुके कुछ प्रत्याशियों ने पार्टी विशेष तत्वों पर आर्थिक ठगी का आरोप लगाकर जलगांव जनपद में खूब हो हल्ला मचाया था और इस मामले में संलिप्त अभियुक्तों के साथ हुई फ़ोन कॉल रिकोर्डिंग को बतौर सबूत पेश करने का दावा किया था। जानकारों की राय में इस पुख्ता जानकारी के आधार पर शायद कथित EVM कांड का पर्दाफाश करने का सुनहरा मौका उस विपक्ष ने गंवा दिया जिसका आरोप वह भाजपा पर लगाते आ रहा है।
बहरहाल पूरे मामले में EVM कांड वह कडी यानी चर्चित फ़ोन कॉल रिकोर्डिंग आखिर कहां बिखर गयी क्योंकि ना ठगी से पीडितों की उफ़ सुनाई दे रही है और ना ही ठगसेनों के वह ठहाके जिनके श्रवण से विपक्ष ना सही कम से कम जमहूरियत के प्रहरी तो जाग जाते।
इन जैसे सैकड़ों सवालों के बीच कथित रिकोर्डिंग रोचकता का विषय बनी हुई है जिसका जिक्र अब शायद किसी काल्पनीक किस्से कहानियों के लिए रह चुका होगा।
