आजमगढ़ में दबंगों का आतंक: गरीब की भूमि पर हो रहा है जबरन कब्ज़ा, पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत के बावजूद नहीं रुक रहा है अवैध निर्माण कार्य व कब्ज़ा | New India Times

मसूद उर रहमान, लखनऊ (यूपी), NIT:

आजमगढ़ में दबंगों का आतंक: गरीब की भूमि पर हो रहा है जबरन कब्ज़ा, पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत के बावजूद नहीं रुक रहा है अवैध निर्माण कार्य व कब्ज़ा | New India Times

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भले ही भू माफियाओं के विरुद्ध कठोर नियम कानून बना दिए हों लेकिन वास्तविकता यह है कि इन भू माफियाओं को सरकार के इन नियम और कानूनों की ज़रा भी परवाह नहीं है। ताजा मामला आजमगढ़ जिले का सामने है जहां दबंगों ने एक गरीब की जमीन पर धावा बोलकर अवैध निर्माण आरंभ कर कब्ज़ा करना शुरू कर दिया है। पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद पीड़ित को अब तक कोई सहायता नहीं मिल पाई है जिस वजह से दबंगों के हौसले बुलंद हैं और अवैध निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर पिछले कई दिनों से निरंतर जारी है।

आजमगढ़ में दबंगों का आतंक: गरीब की भूमि पर हो रहा है जबरन कब्ज़ा, पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत के बावजूद नहीं रुक रहा है अवैध निर्माण कार्य व कब्ज़ा | New India Times

प्राप्त सूचना के अनुसार हफीज अहमद पुत्र अब्दुल जब्बार निवासी गौरडीह खालसा थाना सिधारी आजमगढ़ की गांव में ही स्थित जमीन से लगकर इसरार अहमद अशफ़ाक अहमद पुत्र बिस्मिल्लाह की कुल 45 कड़ी जमीन है लेकिन यह दोनों भाई 45 कड़ी से कहीं ज्यादा जमीन पर स्थानीय पुलिस की सांठगांठ से कब्जा कर रहे हैं पीड़ित हफीज अहमद ने थाना प्रभारी सिधारी रामायण सिंह और पुलिस अधीक्षक रवि शंकर छवि से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराया है और न्यायसंगत कार्यवाही की गुहार लगाई है पीड़ित हाफिज अहमद ने पुलिस से मांग की है कि कुछ समय के लिए काम बंद करा दिया जाए जिससे कि तहसील दिवस में उक्त भूमि को लेकर अधिकारियों द्वारा जो पैमाइश का आदेश निर्गत किया गया था उसका अनुपालन हो सके लेकिन पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत के बावजूद दबंगों द्वारा जबरन कब्जा और अवैध निर्माण का काम रुकने का नाम नहीं ले रहा है जिससे इस पूरे गांव में जबरदस्त कशीदगी व्याप्त है इस पूरे मामले को लेकर जब इस संवाददाता ने थाना प्रभारी सिधारी रामायण सिंह से बात की तो उन्होंन कहा कि काम तीन चार दिन के लिए बंद करा दिया जाएगा जिससे कि वहां पैमाइश संभव हो लेकिन जब दोबारा इस संवाददाता ने उन्हें बताया कि काम तो चालू है उन्होंने यह कहते हुए फोन काट दिया कि पुलिस मौके पर जा चुकी है और आप हमें डिस्टर्ब ना करें।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article

Exit mobile version