संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ ग्वालियर (मप्र), NIT:

शनिवार को भिंड कलेक्टर धनराजू एस अपने सादगी भरे अंदाज में नजर आए। वह अपनी सात साल की बेटी का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे और पर्ची कटाने के लिए इमरजेंसी खिड़की में खड़े हो गए तो स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उन्हें सामान्य खिड़की में जाकर ओपीडी का पर्चा बनवाने के लिए भेज दिया। बेटी के इलाज के लिए पर्चा बनवाने के लिए वह कतार में लग गए। दिलचस्प ये रहा कि इस दौरान स्वास्थ्य कर्मचारी उन्हें पहुचान भी नहीं पाए।
असल में कलेक्टर धनराजू एस इसके पहले सिवनी के कलेक्टर थे। इस दौरान भी वह अपनी बेटी को स्कूल लेने के लिए पैदल ही चले जाते थे। धनराजू एस 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें चुनावों के ठीक पहले आशीष कुमार गुप्ता की जगह भिंड का कलेक्टर बनाया गया था।
