रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिले की राजनीति में नया मोड़ आ गया है, झाबुआ जिले की तीन विधानसभा सीट में से कांग्रेस ने 2 सीट पर कब्जा कर राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

थांदला विधानसभा के हर दिल अजीज लोकप्रिय सरल स्वभवी हर दिलों पर राज करने वाले नेता वीरसिंग भुरिया लोकप्रिय नेता हैं जिन्होंने ऐतिहासिक मतों से जीत हासिल की है, वहीं पेटलावद विधानसभा के सरल स्वभावी कांग्रेस के वॉल सिंग मेडा ने भी विजय हासिल कर कांग्रेस का परचम लहराया है, जबकि झाबुआ से सांसद कांतिलाल भूरिया के पुत्र डॉ विक्रांत भूरिया झाबुआ चुनाव हार गए हैं। इस करारी हार की चर्चाएं आम हैं, जन चर्चाएं तो यहां तक है कि मतदाता कांग्रेस पार्टी से नहीं भुरिया जी से खफा थे और साथ ही झाबुआ और थांदला में बागी की बगावत भी काफी रंग लाई है, जिस कारण डॉ विक्रांत भूरिया को हार का मुंह देखना पड़ा है।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम जहाँ चौंकाने वाले रहे वही झाबुआ जिले में भी कांग्रेस ने दो सीट हासिल कर अच्छा प्रदर्शन किया है। जन चर्चा यह भी है कि अगर विक्रांत की जगह कोई और प्रत्याशी झाबुआ से चुनावी दंगल में होता तो शायद तीनों सीट कांग्रेस के खाते में होती और झाबुआ जिले से बीजेपी का सूपड़ा साफ हो जाता। कांग्रेस की शानदार जीत पूरे प्रदेश में जगह-जगह कार्यकर्ताओं द्वारा खुशी का इजहार किया जा रहा है।
