जीत के जश्न व आभार प्रदर्शन में गुलाल का उपयोग न करने की शेरा भैया ने की अपील | New India Times

मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

जीत के जश्न व आभार प्रदर्शन में गुलाल का उपयोग न करने की शेरा भैया ने की अपील | New India Times

कांग्रेस पार्टी से बग़ावत करके आज़ाद उम्मीदवार की हैसियत से बुरहानपुर की हाई प्रोफाइल विधानसभा सीट से अपनी क़िस्मत आज़मा रहे ठाकुर सुरेंद्र सिंह उर्फ शेरा भैया ने आज सोशल मीडिया पर अपनी 38 सैकंड की स्पीच का वीडियो वायरल करके बुरहानपुर की जनता, अपने समर्थकों, अपने प्यार करने वालों, अपने दोस्तों, शुभचिंतकों से मार्मिक अपील की है कि “मैं आपके आशीर्वाद से इलेक्शन जीत रहा हूँ। जीतने के बाद जब भी मैं जनता के आभार प्रदर्शन के लिए आम सभा में जाऊं तो मेहरबानी करके “गुलाल” का उपयोग न करें। गुलाल से मुझे सांस लेने में परेशानी होती है। आज़ाद उम्मीदवार ठाकुर सुरेन्द्र सिंह (शेरा भैया) के इस वीडियो को देखकर उनके आत्मविश्वास पर जनता के साथ साथ अन्य राजनैतिक दलों और उनके उम्मीदवारों की सांस फूल गई है। कुछ का मानना है कि यह उनकी खुश फहमी भी हो सकती है।

जीत के जश्न व आभार प्रदर्शन में गुलाल का उपयोग न करने की शेरा भैया ने की अपील | New India Times

भाजपा के वरिष्ठ नेता मोईन अंसारी ने राजस्थान के अजमेर शरीफ से इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी अपनी अर्चना चिटनिस दीदी की जीत निश्चित है और बुरहानपुर के कुछ पत्रकारों के सर्वे में भी बुरहानपुर जिले की दो सीट भाजपा के जीतने की पेशीनगुई पर मुझे भरपुर विश्वास है। वैसे भाजपा के समस्त समर्थक 25 हजार से लेकर 45 हजार के दरम्यान अपनी जीत की संभावना सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्त कर रहे हैं, लेकिन “सियासी पंडित” इन जुमलों को सियासी जुमले बाज़ी की संज्ञा दे रहे हैं। कांग्रेस पार्टी की ओर से भी कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नही आई है। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार की जीत का दावा की है। लेकिन सोशल मीडिया पर लोग इस मामले में अपनी बेबाक टिप्पणी के साथ अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में नहीं चूक रहे हैं। एसी ही राय के मुताबिक “वर्तमान विधानसभा चुनाव ने अजीब तरह के हालात पैदा कर दिया है। कि गुरूर वालों को नींद नहीं आ रही है और खुजली वालों को चैन नही आ रहा है। इशारा किस की तरफ है। जनता समझदार है। खैर विश्वास, सीमा से अधिक विश्वास, गुरूर, तकब्बुर के दरम्यान 11 दिसंबर को जनता जनार्दन के सही और सर झुकाकर स्वीकार योग्य फैसले का सबको बेसब्री से इंतजार है। वैसे यह विधानसभा चुनाव जिले की सियासत और सियासी पैमाने दोनों को विनिश्चित करेगा। कई लोगों का राजनैतिक भविष्य उज्जवल होगा तो कई लोगों का राजनैतिक भविष्य अंधकार मय भी होने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है। किसके मुकद्दर में क्या है? यह 11 दिसंबर को पता चलेगा।

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