मतदान केन्द्र के बहाने जिले के 250 स्कूलों की क़िस्मत जागी | New India Times

मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मतदान केन्द्र के बहाने जिले के 250 स्कूलों की क़िस्मत जागी | New India Times

हमने पहले भी लिखा है कि मतदान केंद्रों को दुल्हन की तरह सजाया गया था। दरअसल कलेक्टर डाॅ. सत्येंद्र सिंह के जुनून का परिणाम है कि लोक तंत्र के इस महान पर्व के बहाने स्कूलों की क़िस्मत जागी है और इसमें कलेक्टर डाॅ. सत्येंद्र सिंह की व्यक्तिगत दिलचस्पी का काफ़ी बड़ा दखल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विधानसभा निर्वाचन-2018 के दौरान जिले के कलेक्टर डाॅ. सतेन्द्र सिंह ने करीब दो माह तक जिले के अधिकांश मतदान केन्द्रों का निरंतर दौरा किया और यह उनकी मेहनत का नतीजा है कि ग्रामीण क्षेत्र में उन्होंने 250 से अधिक स्कूलों का मतदान केन्द्र उन्नयन के नाम पर कायाकल्प और उद्धार कर दिया। उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान, शिक्षा विभाग व ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से इन मतदान केन्द्रों पर रंगाई पुताई, विद्युत कनेक्शन, पंखा, रैम्प, संपर्क मार्ग, बाउन्ड्रीवाल अथवा वायर फेंसिंग, शौचालय की व्यवस्था व्यवहारिक रूप से सुनिश्चित कराई। बाउन्ड्रीवाल निर्माण से विद्यालयों की शोभा व गरिमा में निश्चित रूप से इज़ाफा हुआ है। इसी प्रकार चुनाव आयोग के निर्देशानुसार इन मतदान केन्द्रों में दिव्यांगों के लिये रैम्प और ट्रायसिकिल की भी व्यवस्था की गयी, जिसके कारण इन मतदान केन्द्रों पर 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जो कि एक उल्लेखनीय और अनुकरणीय बात है।

जिले के पिछड़े विकासखण्ड खकनार में खकनार, डोईफोड़िया, सीवल, बदनापुर, हैदरपुर, डेढ़तलाई, मांडवा आदि के स्कूल भवन पिकनिक के लिहाज से देखने लायक हो गये हैं। इसी प्रकार बुरहानपुर विधानसभा के मतदान केन्द्र लोनी, बहादरपुर, पांतोडा, धुलकोट, अम्बा, परतकुण्डिया, बोरीबुजुर्ग, निम्बोला आदि स्कूल भवन भी दर्शनीय बन गये है। इनमें से अधिकांश स्कूल भवन आदर्श मतदान केन्द्र घोषित किये गये थे। इनमें कुछ स्कूलों के मतदान केन्द्र पूर्णतः महिला संचालित केन्द्र भी बनाये गये थे। इनका डाक्युमेंटेशन कराया जा रहा है और इनके फोटो और वीडियो चुनाव आयोग को भेजे जायेंगे। नवाचार की दिशा में यह एक सराहनीय कदम है।

इस बार चुनाव आयोग ने भी नवाचार करते हुए पहलीबार आम चुनाव में वीवीपैट मशीन का उपयोग दिव्यांगों के लिये वाहन, रैम्प और ट्रायसिकिल की नयी परपंरा शुरू की, जिससे प्रदेश में मतदान का प्रतिशत बढ़ा।कलेक्टर की इस रचनात्मक पहल की सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है।

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