भोपाल में ईवीएम स्ट्रांग रूम के सीसीटीवी 2.30 घंटे रहे बंद, आप ने जताया बड़ी साजिश का अंदेशा, प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने की कलेक्टर को हटाने की मांग | New India Times

अबरार अहमद खान, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल में ईवीएम स्ट्रांग रूम के सीसीटीवी 2.30 घंटे रहे बंद, आप ने जताया बड़ी साजिश का अंदेशा, प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने की कलेक्टर को हटाने की मांग | New India Times

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने भोपाल जेल स्थित ईवीएम स्ट्रांग रूम के सीसीटीवी के बंद होने की घटना को बड़ी साजिश करार देते हुए तत्काल कलेक्टर सुदाम पी खाड़े को पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अपनी आसन्न हार से घबराई भाजपा अनैतिक तरीकों को अपनाकर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करते हुए कलेक्टर सुदाम पी खाड़े को हटाकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

गौरतलब है कि भोपाल की पुरानी जेल में जो EVM मशीन रखी हुई है। वहां के cctv कैमरा लगभग 2:30 घंटे के लिए बंद किये गए। हंगामे के बाद 1:20 बजे चालू किये गए, लेकिन इनमें भी 15 मिनिट की रिकॉर्डिंग ही लूप पर बार बार चलाये जाने की आशंका है।

श्री अग्रवाल ने बताया कि खबरों से पता चला है कि ये सीसीटीवी कलेक्टर के आदेश से बंद किये गए थे। वहीं जेल में जनरेटर की व्यवस्था भी नहीं कि गयी थी। सीसीटीवी बंद होने की घटना के बाद जनरेटर बुलाये गए। जेल के अंदर 10-12 लोग दिख रहे थे पर किसी को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है। न ही वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहा। ये सारा घटनाक्रम घनघोर लापरवाही और बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
उन्होंने इस संबंध में 2 ट्वीट भी किये।


श्री अग्रवाल ने कहा है कि प्रशासन ने जो जानकारी दी उसमें दो एल ई डी का जिक्र किया गया है जबकि बाहर हमें सिर्फ तीन कैमरे का इमेज दिख रहा है जिसमे स्ट्रांग रूम का कैमरा हर 10 से 15 मिनट में जल बुझ हो रही है या तो कनेक्शन में समस्या है या फिर ये कैमरा लूप किया गया है। वहीं अंदर स्ट्रांग रूम तक कोई दूसरी एल ई डी नहीं पायी गई। अंदर स्ट्रांग रूम तक हमें नहीं जाने दिया गया। बैरीकेट लगा कर रोक दिया गया है और स्ट्रांग रूम के बाहर का दरवाजा खुला हुआ था, जिसमें एक सीआरपीएफ का जवान वीडियोग्राफी कर रहा था।

उन्होंने बताया कि 11:30 से 1:20 बजे तक बाहर की एल ई डी बन्द थी। और एल ई डी की गुणवत्ता बहुत कमजोर है जिससे स्ट्रांग रूम का लॉक भी नहीं दिख पा रहा है। इसके बाद 2:25 बजे जनरेटर लाया गया जोकि करीब 2 घंटे तक चालू नहीं किया गया। अंदर बहुत से लेबर काम करते देखे गए जिनकी संख्या लगभग 10 से 14 के आस पास थी। जिम्मेदार व्यक्ति के नाम पर एक थ्री स्टार अधिकारी आर.एन.यादव जी को बिठा दिया गया है। तकनीकी तौर पे वो किसी भी समस्या का जवाब नहीं दे पा रहे थे और हर जवाब के लिए उच्च अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कहा गया।

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