संदीप शुक्ला, देवास (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को मतदान था। देवास के खातेगांव पोलिंग स्टेशन में एक 26 साल का युवक संतोष भी लाइन में खड़ा था। वह बार-बार अपनी घड़ी देख रहा था हालांकि वह वोट डालने के लिए इंतजार करता रहा। अपना नंबर आने पर उसने वोट डाला और दौड़कर सीधा अस्पताल गया, जहां उसकी पत्नी भर्ती थी। यहां उसकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया। बेटे के जन्म के बाद खुश नजर आए संतोष ने अपने बेटे का नाम ही ‘मतदान’ रख दिया।
संतोष की पत्नी विशाखा गर्भवती थी, उसे मतदान के दिन ही प्रसव का दर्द होने लगा। वह उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचा और वहां पत्नी को भर्ती कराया। संतोष ने बताया कि पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद वह वहां से 120 किलोमीटर दूर अपने गांव आया और यहां अपना वोट डाला। जब वह वापस अस्पताल पहुंचा तो उसे पता चला कि उसकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया है।
अपनी पत्नी के साथ विशाखा हॉस्पिटल में बैठे संतोष ने मीडिया को बताया, “मैं अपने इलाके और राज्य के हर एक व्यक्ति को मताधिकार के प्रति जागरूक करना चाहता था इसलिए अपना वोट बर्बाद नहीं किया।”
संतोष ने कहा, “मैंने अपने बेटे का नाम मतदान रखा है। हो सकता है इस नाम को लेकर भविष्य में कोई समस्या आए। अगर ऐसा हुआ तो स्कूल में बेटे का नाम बदल दूंगा। फिल्हाल मैंने उसका नाम मतदान रखा है और मैं इस नाम से बहुत खुश हूं। मुझे उम्मीद है कि मेरे बेटे के नाम पर कोई कानूनी अड़चन भी नहीं आएगी।”
