फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ बहराइच (यूपी), NIT:

भाजपा विधायक पति दिलीप वर्मा और उनके समर्थकों के खिलाफ गत शुक्रवार को अनुसूचित जाति के तहसीलदार के चैम्बर में घुसकर उनके साथ मारपीट करने सहित तमाम गंभीर धाराओं में तीन मामले दर्ज किये गये हैं। दिलीप वर्मा पर ये भी आरोप है कि उन्होंने तहसीलदार की पिटाई के बाद कोतवाली में एडीएम और एडिशनल एसपी के सामने सीओ पर भी माइक फेंक कर हमला किया था। इस घटना के विरोध में तहसील कर्मियों ने तहसील गेट पर ताला लगाकर कामकाज बंद कर दिया था।
बताते चलें कि भाजपा विधायक पति पर तहसीलदार को पीटने के मामले में एससी/एसटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कोय गया है जबकि सीओ की तहरीर पर भी उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है वहीं पुलिस ने सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने के मामले में भी विधायक पति व उनके सहयोगियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है। दो दिन से उठे इस घमासान का आज अंत हो गया। हालांकि भाजपा विधायक माधुरी वर्मा के पति दिलीप वर्मा का यह कोई पहला माला नहीं है, इसके पहले भी उन पर सरकारी कर्मियों से मारपीट करने का मामला सामने आया था। एक सिपाही से मारपीट के मामले में उन्हें न्यायालय ने 7 साल की सजा सुनाई थी और सज़ा काटने के बाद जब वह चुनाव नहीं लड़ सके तो उन्होंने अपनी पत्नी को चुनावी मैदान में उतारा। हाल ही में उन पर सहकारी गन्ना चीनी मिल नानपारा के केजीएम से मारपीट करने का मामला सामने आया था जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज करने केजीएम के बवंडर को विधायक पति ने अपने सत्ता की हनक और पत्नी की विधायकी की धमक के बल बूते पर ठंडे बस्ते में डाल दिया था। शुक्रवार की घटना के बाद से ही एक हाई प्रोफाइल ड्रामा शुरू हो गया था। तहसील व कलेक्ट्रेट कर्मी लगातार आरोपी विधायक पति की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे जिसके बाद सपा के पूर्व दबंग विधायक को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर ही लिया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने भाजपा विधायक पति को उस वक़्त गिरफ्तार किया जब वे बहराइच से लखनऊ की ओर जा रहे थे। पुलिस ने विधायक पति दिलीप वर्मा को जरवल रोड के पास गिरफ्तार किया है हालांकि गिरफ्तारी के बाद दबंग पूर्व विधायक व भाजपा विधायक पति की नौटंकी शुरू हो गई और जेल से बचने के लिए बीमारी का सहारा लेना शुरू कर दिया। इसी के चलते गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इन्हें मुस्तफाबाद सीएचसी में दिखाया और बाद में इन्हें बहराइच जिला अस्पताल लाया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की क्षमता भी यहाँ सामने आई है जो सत्ताधारी विधायक पति के सामने नतमस्तक दिखी और बीपी बढ़ा हुआ होने की वजह दिखाकर उन्हें लखनऊ के लिए रेफेर कर दिया। फिल्हाल पुलिस अभिरक्षा में दिलीप वर्मा को लखनऊ इलाज के लिए भेजा गया है और पुलिस अपनी आगे की कार्यवाही में जुट गई है। लेकिन अगली सुबह ही उन्हें स्वस्थ्य घोषित कर डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जिसके बाद पुलिस ने उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कर जेल रवाना कर दिया।
ज्ञात हो कि चेंबर में घुस तहसीलदार को मारने व सीओ को गालियां देने और हाथ छोड़ने वाले पूर्व विधायक दिलीप वर्मा पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद अपने को बचाने की नाकाम कोशिश करते रहे। एक दिन पहले ही थाने का घेराव कर जमकर हंगामा बरपाने वाले भाजपा विधायक पति का बहराइच पुलिस के गिरफ्तार करते ही बीमारी का नाटक शुरू हो गया। इस हाईप्रोफाइल ड्रामे के बीच अभिरक्षा में लिए गए पूर्व विधायक को कुछ समय ज़रूर मिल गया हो लेकिन उन्हें ज़्यादा समय तक राहत न मिल सकी और आखिरकार उन्हें सलाखों के पीछे जाना ही पड़ा। जिला अस्पताल के डॉक्टरों पर भी बड़े सवाल उठ रहे हैं की आखिर कैसी व्यवस्थाएं हैं जो बीपी को कण्ट्रोल करने में नाकाम हैं। पूर्व विधायक के बचाव में महसी विधायक सुरेशवर सिंह सहित पार्टी पदाधिकारियों का भी अस्पताल में जमावड़ा लगने लगा। महसी विधायक ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए भाजपा विधायक पति का बचाव करते हुए कहा कि उनकी बिगड़ी हालत के लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार है और यदि किसी प्रकार की कोई घटना उनके (दिलीप वर्मा) के साथ होती है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की ही होगी। वहीं सीओ नानपारा से विधायक पति द्वारा की गई अभद्रता पर जब पत्रकारों ने सवाल किया कि पश्चिमी यूपी में जाट समुदाय भी आक्रोशित है तो उन्होंने कहा कि सीओ साहब को जाट आंदोलन में ज़्यादा रुचि हो तो वह राजनीति करें। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष, राम सुंदर चौधरी, राकेश कशयप, राहुल रॉय सहित दर्जनों भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किये जाने के बाद पुलिस की मौजूदगी में ही रात में उन्हें लखनऊ के केजीएमसी के लॉरी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां सुबह डॉक्टरों ने उन्हें स्वस्थ्य घोषित कर डिस्चार्ज कर दिया जिसके बाद पुलिस ने उन्हें सिविल कोर्ट बहराइच में मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कर जेल रवाना कर दिया।
एसपी व एएसपी के बयानों में विरोधाभास
बीजेपी विधायक पति दिलीप वर्मा के जिला अस्पताल में भर्ती होने की सूचना पर मौके पर पहुचे एएसपी नगर अजय प्रताप का बयान भी काफी हैरान करने वाला रहा। उन्होंने तो गिरफ्तारी से ही इनकार कर दिया है जबकि कुछ देर पहले ही महसी विधायक ने गिरफ्तारी की पुष्टि की थी साथ ही पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर ने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की।
भाजपा विधायक पति बोले सीएम योगी से है जान का खतरा
भाजपा विधायक पति को पुलिस जब सिविल कोर्ट बहराइच में मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने के लिये पहुंची तो विधायक पति ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री पर ही हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि सीएम योगी से उनको अपनी जान का खतरा है।
