रहीम हिंदुस्तानी/इस्माइल खत्री, खरगोन (मप्र), NIT:

बीजेपी सरकार के 15 सालों में बीजेपी ने क्षेत्र की जनता को कोई भी लाभ नहीं दिया है और खरगोन की जनता लगातार 15 वर्षों से जिले में कृषि महाविद्यालय एवं अन्य प्रमुख मांगे करती आ रही है इसके बावजूद भाजपा सरकार ने 15 सालों में सिर्फ अपना स्वार्थ सिद्ध किया है ना कि क्षेत्र को कोई बडी सौगात दी है। अगर क्षेत्र में विकास की बात करें तो हर जगह असुविधाएं नजर आती हैं। विकास में हम अपने गांव “गोगावा” को ही ले लेते हैं, 15 साल से बैठी भाजपा सरकार ने गोगांव को कोई विशेष सौगात नहीं दी है। आप को एक बात से वाकिफ करा दूं “गोगावां” खरगोन जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। उसके बाद भी गोगावां को आप एक पिछड़ा हुआ गांव कह सकते है।
अगर गोगावां में विकास की बात करें तो यहां पर मात्र एक यात्री प्रतीक्षालय बनाया गया है लेकिन वहां असुविधाओं का अंबार है। बाहर से आए हुए यात्रियों को वहां ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है जिस कारण यात्री परेशान रहते हैं। प्रतिक्षालय में पसरे गंदगी ने तो आने जाने वाले यात्रियों को रोड पर खड़े रहने को मजबूर कर दिया है साथ ही प्रतिक्षालय में बने शौचालय की बात करें तो वहां की सफाई तो 3 से 4 महीने में हो ही की जाती है। अब आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि इस क्षेत्र में कितना विकास हो रहा है और कितना विकास हुआ होगा। यहां भारत के प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्वच्छ भारत का मिशन चलाने वाली भाजपा सरकार सिर्फ हवा में मिशन चला रही है लेकिन खरगोन जिले ने स्वच्छता अभियान में तृतीय स्थान पाकर मेडल हासिल कर प्रदेश में नाम तो पा लिया है लेकिन यह नाम सिर्फ कागजों पर ही सीमित है।

अगर आप जिले के अंदरी क्षेत्रों का जायजा लें तो आपको अभी दिख जाएगा कि खरगोन की सफाई अभियान कितनी दुरुस्त है। आप को जगह जगह कचरे के ढेर व स्वाइन फ्लू जैसी घातक बीमारी फैलाने वाले सुअरों के झुंड नजर आएंगे। अगर इसी को अधिकारी स्वच्छता अभियान कहते हैं तो हो गया मिशन सफल।…..
खरगोन जिला कृषि में मशहूर होने पर भी कृषि महाविद्यालय से वंचित रहा है जिससे क्षेत्र के विद्यार्थी अध्ययन के लिए अन्य जिलों की ओर रुख कर रहे हैं।जनता का मानना है अगर इस वर्ष भी भाजपा को जिताया तो आने वाले 5 सालों में क्षेत्र को कोई लाभ नहीं मिलेगा ओर फिर असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा इसलिए इस बार कांग्रेस की लहर चल रही है। क्षेत्र में वैसे तो खरगोन जिले की 6 विधानसभा सीट हैं जिसमें 3 पर कांग्रेस का कब्जा है तो 3 पर बीजेपी का कब्जा है। इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि खरगोन की सभी विधानसभा सीट कांग्रेस ऐतिहासिक मतों से जीत रही है। अब देखना है कि ऊंट किस करवट बैठता है?
