रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय प्रत्याशी सरल स्वभावी व्यक्तित्व के धनी सिंपल और सादा जीवन जीने वाले जमीनी कार्यकर्ता कांग्रेस के पूर्व लोकप्रिय विधायक वर्तमान निर्दलीय प्रत्याशी टाईगर अभी जिंदा है की तर्ज पर झाबुआ विधान सभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी श्री जेवियर मेड़ा का झाबुआ विधानसभा में लगातार धुआंधार प्रचार-प्रसार और जन संपर्क ने भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों का दिन का चैन ओर रातों की नींदें उड़ा रखी है ! निर्दलीय उम्मीदवार जेवियर मेडा का लगातार झाबुआ विधानसभा में धुआंधार प्रचार प्रसार किया जा रहा है झाबुआ विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का भी भरपूर आशीर्वाद जमीनी कार्यकर्ताओं को मिल रहा है ! जेवियर मेड़ा सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ क्षेत्र में धुआधार प्रचार और जनसंपर्क कर रहे है वहीं अन्य पार्टी प्रत्यशीयों के जनसंपर्क और प्रचार-प्रसार में गिने चुने ही लोग दिखाई दे रहे है ! जैन चर्चाएं भी चल रही है जी इस बार निर्दलीय प्रत्याशी जेवियर मेडा ऐतिहासिक मतों से विजय श्री हासिल कर इतिहास बनाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखने वाले हैं साथ ही मतदाताओं की पहली पसंद बने हुए हैं ! लगातार प्रचार-प्रसार और जनसंपर्क करने के दौरान उन्हें क्षेत्र के लोगों का भरपूर सहयोग मिलते हुए काफी मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा भी मिल रही है। वर्तमान में झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में शहर के साथ ग्रामीण अचंलों की भी बात की जाए, तो चर्चाओं में शहरी एवं ग्रामीण लोग जेवियर मेड़ा को एक प्रबल उम्मीद्वार के रूप में देख रहे है जेवियर मेड़ा सरल स्वभावी, मिलनसार होने के साथ ही पूर्व में विधायक रहने के दौरान उनके द्वारा जिस तरह से जमीनी स्तर पर कार्य किया गया, वह काफी अभूतपूर्व है, जिनसे आज भी ग्रामीण क्षेत्रों की जनता गरीबों का मसीहा मानती हैं ! पूर्व में विधायक रहने के दौरान उन्होंने दो पहिया वाहन से शहर में घूमना और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई बार वे दो पहिया वाहनों से कोई भी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए चले जाते थे। उनका पिछला पूरा विधायकीय कार्यकाल क्षेत्र की जनता ने देखा है काफी शांत एवं बिना कोई विवाद के पूर्ण हुआ। एक अच्छे और निष्ठावान व्यक्तित्व के रूप में अपनी अलग पहचान बना रखी है साथ ही शहरी एवं ग्रामीण अंचल में भी काफी पॉपुलर है ! पूर्व में विधायक बन जाने के बाद भी जमीनी कार्यकर्ता के रूप में अपने कार्य कौ अंजाम दिया है ! कांग्रेस पार्टी से बगावत कर बागी होकर निर्दैलीय चुनाव लड़ने के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया है, लेकिन विधानसभा चुनाव जीतने को लेकर उनका जोश जुनून जज्बा और ललक अभी भी कम नहीं हुई है।
टाईगर अभी जिंदा है

वहीं इन दिनों जेवियर मेड़ा अपने प्रचार-प्रसार की तेजरफतार और कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों की बहुत बड़ी टोली के साथ उनके द्वारा गांव-गांव, फलिये-फलिये टॉपरे टॉपरे धुआंधार प्रचार-प्रसार करने से, वे उनके कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच टाईगर कहलाएं जाने लगे है। सोशल मीडिया पर उनके फोटो के साथ ‘टाईगर अभी जिंदा है’ के बने विभिन्न प्रकार के पोस्ट एवं तूफानी जनसंपर्क के वीडिया वायरल हो रहे है। जिसके चलते वे क्षेत्र में भी अब आम चर्चाओ में टाईगर के रूप में पहचाने जाने लगे है। मतदाताओं में इन दिनों अधिक पसंद किया जा रहा है।
