अबरार अहमद खान, स्टेट ब्यूरो चीफ भोपाल (मप्र), NIT:

आम आदमी पार्टी मप्र द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने कांग्रेस के वचन पत्र को झूठ का पुलिंदा करार देते हुए कहा कि घोषणा पत्र को वचन पत्र कह देने से उसकी मंशा नहीं बदल जाती है। प्रदेश की जनता को वचन पत्र नहीं शपथ पत्र चाहिए। मध्य प्रदेश में किसानों के लिए कांग्रेस कर्ज माफी के वादे तो कर रहे है लेकिन कर्नाटक में बताना चाहिए कि क्यों कर्ज माफी की घोषणा के बावजूद किसानों के खिलाफ वारंट भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सचमुच मध्य प्रदेश की जनता से किए जाने वाले वादों का पूरा करने करने के प्रति गंभीर है, तो उसे कानूनी रूप से मान्य दस्तावेज सामने लाना चाहिए। आम आदमी पार्टी ने स्टाम्प पेपर पर लिखकर शपथ पत्र दिया है, जिसे पूरा न करने की दशा में प्रदेश का कोई भी नागरिक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल को अदालत में चुनौती दे सकता है। कांग्रेस ने कानूनी रूप से बाध्यकारी कोई दस्तावेज नहीं लाई है। जाहिर है कि कांग्रेस की मंशा महज वादा पूरा करने की है, उन्हें पूरा करने की उसकी कोई नीयत नहीं है। इसलिए वह महज वचन दे रही है, जिससे पूर्व की भांति फिर मुकर जाएगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को किसानों के लिए बनाई गई स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट तो याद रहती है, लेकिन वचन पत्र में वह यह लिखना भूल जाती है कि इस दौरान 8 साल तक 2006 से 2014 के बीच कांग्रेस का ही शासन था, लेकिन कांग्रेस ने यह रिपोर्ट लागू नहीं की और नतीजतन 1 लाख 28 हजार 378 किसानों को आत्महत्या करनी पड़ी। यह आंकड़े खुद एनसीआरबी की रिपोर्ट के हैं। साथ ही कर्नाटक में कांग्रेस ने किसानों के कर्ज माफ करने की बात कही थी, लेकिन बाद में कर्ज से दबे किसानों के खिलाफ वारंट भेजे जा रहे हैं। यह कांग्रेस की कथनी और करनी का फर्क है।
उन्होंने बिजली के मुद्दे पर कहा कि किसानों को कांग्रेस ने 12 घंटे तक बिजली देने की बात की है, जबकि आम आदमी पार्टी ने अपने शपथ पत्र में 18 घंटे बिजली देने का वादा किया है। यह नहीं इसमें दिन के पूरे समय बिजली का वादा भी शामिल है, जबकि दिन में कांग्रेस महज 8 घंटे बिजली देने की बात कर रही है। इसके साथ ही शपथ पत्र में आम आदमी पार्टी ने किसानों को मुफ्त बिजली देने की बात की है।
उन्होंने बिंदुवार कांग्रेस के वचन पत्र पर कहा कि कांग्रेस जहां किसानों का 2 लाख तक का कर्ज माफ करने की बात कर रही है, वहीं आम आदमी पार्टी ने संपूर्ण कर्ज माफी का वादा किया है। उन्होंने बिजली बिल पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस जहां 100 यूनिट तक की बिजली 100 रुपए में देने की बात कर रही है, वहीं आप ने 50 रुपए में 100 यूनिट बिजली का वादा किया है। यही नहीं बाकी के सभी तरह की बिजली घरेलू, व्यावसायिक आदि के बिल आधे किए जाएंगे। मध्य प्रदेश में बिजली सबसे महंगी है और कांग्रेस अपने वचन पत्र में भी इस पर चुप है।
वहीं उन्होंने कहा कि पानी पर कांग्रेस की ओर से कोई ठोस एक्शन प्लान दिखाई नहीं देता है, जबकि प्रदेश में पेयजल एक बड़ी समस्या है। इसी तरह पेंशन पर कांग्रेस बुजुर्गों को महज 1000 रुपए देने की बात कर रही है, जबकि आम आदमी पार्टी दिल्ली की तर्ज पर 2500 रुपए वृद्धावस्था पेंशन देगी। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर कांग्रेस का वचन पत्र एक खानापूर्ति से ज्यादा कुछ भी नहीं है। कांग्रेस ने विभिन्न मुद्दों पर अपने पुराने वादों को ही एक जगह रख दिया है, जिन्हें पूरा करने के लिए वह न तो गंभीर दिखाई देती है, और न ही ऐसी उसकी कोई कार्ययोजना स्पष्ट होती है।
