जरा हट कर: बोरी में 10 हज़ार रुपये के सिक्के लेकर पहुंचा प्रत्याशी नामांकन फार्म ख़रीदने, सिक्के देख अधिकारियों के माथे पर आई शिकन | New India Times

इम्तियाज चिश्ती, ब्यूरो चीफ दमोह (मप्र), NIT:

जरा हट कर: बोरी में 10 हज़ार रुपये के सिक्के लेकर पहुंचा प्रत्याशी नामांकन फार्म ख़रीदने, सिक्के देख अधिकारियों के माथे पर आई शिकन | New India Times

चुनाव आयोग से स्पाक्स पार्टी को मान्यता मिलते ही सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्पाक्स अपने प्रत्याशियों को उतारने की तैयारियों में जुट गया है लेकिन दमोह विधानसभा क्षेत्र का स्पाक्स प्रत्याशी जब अपना नामांकन फार्म लेने नामांकन कार्यालय पहुंचा तो अधिकारी हैरत में तो पडे ही साथ ही पूरे क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बन गया। दरअसल स्पाक्स प्रत्याशी 10 हज़ार के सिक्के बोरी में भरकर लेकर पहुंचा तो अधिकारी भी हैरत में पढ़ गये।

जरा हट कर: बोरी में 10 हज़ार रुपये के सिक्के लेकर पहुंचा प्रत्याशी नामांकन फार्म ख़रीदने, सिक्के देख अधिकारियों के माथे पर आई शिकन | New India Times

स्पाक्स पार्टी अब विधासभा चुनाव में अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार रहा है। स्पाक्स से दमोह विधान सभा का प्रत्याशी मनोज देवालिया चुनाव से पहले ही चर्चा में आ गया है। दरअसल प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया के दमोह विधानसभा क्षेत्र से मनोज देवालिया ने स्पाक्स पार्टी से ताल ठोंकी है। स्पाक्स प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ नामांकन फार्म लेने हाथों में 10 हज़ार रुपये के सिक्के चिल्लर को बोरी में लेकर नामांकन कार्यालय पहुंचे तो नामांकन कार्यालय के अधिकारियों के माथे पर शिकन साफ देखते बनी, लेकिन चारों तरफ मीडिया के कैमरों की नज़र की वजह से कुछ कह ना सके और भारतीय मुद्रा का सम्मान किया।

जरा हट कर: बोरी में 10 हज़ार रुपये के सिक्के लेकर पहुंचा प्रत्याशी नामांकन फार्म ख़रीदने, सिक्के देख अधिकारियों के माथे पर आई शिकन | New India Times

वहीं स्पाक्स प्रत्याशी मनोज देवालिया और उनके समर्थकों द्वारा एक नोट एक वोट की तर्ज पर एकत्रित किये सिक्कों से अपने प्रत्याशी को जिताकर विधानसभा तक पहुंचाने की नीयत से आज नामांकन फार्म लेने पहुंचे वो भी चिल्लर के साथ। पहले तो फुटकर चिल्लर देखकर अधिकारियों के होश उड़ गये लेकिन मीडिया की मौजूदगी की वजह से अधिकारी कुछ कह ना सके। नामांकन कार्यालय पर पहुंचते ही प्रत्याशी और उसके समर्थकों ने हाथों में लिए सिक्के के थैले से एक रुपये और दो रुपये के अलावा पांच रुपये के सिक्कों का निकलना शुरू किया तो अधिकारियों के होश उड़ गये। लेकिन भारतीय मुद्रा को नकार ना सके लेकिन नामांकन फार्म देने वाले अधिकारियों के माथे पर शिकन साफ नज़र आने लगी और अपना कर्तव्य समझकर चिल्लर की गिनती में जुट गये।

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