नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

2011 मे तत्कालिन केंद्र सरकार द्वारा अर्थ सहायीत वाघूर बाँध स्थित लिफ़्ट प्रोजेक्ट का काम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। वाघूर प्रकल्प से जुडे तकनिकि जानकारों से प्राप्त जानकारी के उपरांत उक्त विषय के बारे में यह हर्षदायी खुलासा हुआ है। 2011 में केंद्र सरकार द्वारा जामनेर तहसील में स्थित 12 TMC क्षमता वाले वाघूर बांध से तहसील समेत अन्य इलाकों की कृषि भुमी को सींचने हेतु प्लान की गयी लिफ़्ट परीयोजना के लिए 250 करोड रुपयों का प्रावधान किया था। यह निधि कुल 5 चरणों में खर्च किया जाना है। जलसंपदा विभाग के वाघूर प्रकल्प कार्यालय से संचालित इस लिफ़्ट का काम अब अंतिम चरण मे आ गया है। निगम जैकवेल समीप बने पंप हाऊस का काम पुरा हो चुका है जिसमें 600 मेगावाट के 7 पंप लगाए गए हैं। नेरी जिला परीषद गुट में वाघुर नदी के उत्तरी छोर के लगभग सभी गांवों तक पाईप लाइन बिछाने तथा बिजली संयंत्रों का काम पुरा किया जा चुका है तो कुछ प्रगतीशील हैं। बारिश के अभाव से इस साल वाघूर बाँध में केवल 45 फ़िसदी पानी शेष है जिसके चलते प्रशासन द्वारा जनवरी 2019 में पानी को इस योजना के परीक्षण के लिए लिफ़्ट किया जा सकता है। इस महत्वकांक्षी योजना से करीब 35 गांवों के कृषि सिंचाई की समस्या का प्रचुर समाधान होगा। फ़िल्हाल इसी योजना के तहत समूह खेती उपक्रम से प्रती 25 एकड कृषि भुमी को कुल 3 तालाबों से जोडा जाना है, इन्हीं तालाबों में वाघुर का पानी लिफ़्ट होगा। ऐसे 300 तालाब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य के जलसंपदा मंत्री श्री गिरीश महाजन के अथक प्रयासों से लिफ़्ट परियोजना अब जल्द ही पुरी होने जा रही है। वहीं इस काम के लिए पूर्व अधिशासी अभियंता तथा जलसंशोधक श्री वी डी पाटील के मार्गदर्शन में वाघूर प्रकल्प के संबंधित तकनिकी चिकित्सक दिन रात कार्य में तत्पर हैं। इस योजना से जामनेर तहसील के करीब 35 गांवों के हजारों कृषि भूमि धारक मंजोले तथा सिमांत किसानों को सिंचाई के लिए आजिवन पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा और इसका असर सभी तबकों के बहुस्तरीय विकास पर होगा।
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