ठेला खड़ा करने के विवाद में भाईयों ने मिलकर अपने भाई को मारा, न्‍यायालय ने दिया आरोपियों को 3-3 माह का सश्रम करावास एवं लगाया 4000 रूपये का अर्थदण्ड | New India Times

मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

ठेला खड़ा करने के विवाद में भाईयों ने मिलकर अपने भाई को मारा, न्‍यायालय ने दिया आरोपियों को 3-3 माह का सश्रम करावास एवं लगाया 4000 रूपये का अर्थदण्ड | New India Times

अभियोजन अधिकारी श्री प्रकाश सोलंकी द्वारा अभियोजित प्रकरण में न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी श्रीमती राखी देवलिया द्वारा आरोपीगण विनोद (51) पिता मुन्‍नालाल, ओमप्रकाश (44) पिता मुन्नालाल, प्रवीण (47) पिता मुन्‍नालाल, संतोष (23) पिता चंपालाल, सभी निवासी हिंगलाज मंदिर के पास, दाउदपुरा बुरहानपुर को 3-3 माह का कारावास एवं 4000 रूपये के जुर्माने से दंडित किया गया।

प्रकरण की विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुये अभियोजन अधिकारी श्री सुनील कुरील ने बताया कि दिनांक 25.05.2015 को सुबह 10.45 बजे फरियादी नरेश पिता मुन्‍नालाल चाट का ठेला अपने घर दाउदपुरा लेकर आया और उसने ठेला खड़ा कर दिया। इतने में उसका भाई प्रवीण आया और उसने कहा की तुमने चाट का ठेला क्‍यों खड़ा कर रखा है? इसी बात पर से उनमें विवाद हुआ, वही पर प्रवीण के भाई विनोद, ओमप्रकाश और भतीजा संतोष भी वहां पर आ गए तब चारों आरोपीगण ने नरेश को हाथ मुक्‍कों और लकड़ी से मारपीट की और गालिया दी, इसके बाद चारों आरोपीगण ने कहा की यदि यहां पर ठेला खड़ा किया तो तुझे जान से खत्‍म कर देंगे। घटना को वही आसपास रहने वाले मोहल्‍ले के लोगो ने देखा था। मारपीट के कारण नरेश को हाथ पैर व शरीर के अन्‍य जगह चोटें आयी थी एवं सीधे हाथ ही हड्डी टूट गयी थी। नरेश के साथ मारपीट करने वाले उसी के भाई और भतीजा है।
फरियादी की सूचना पर से थाना कोतवाली में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत आरोपीगण के विरूद्ध धारा 294, 323, 325, 506/34 भा.द.वि. के अंतर्गत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
प्रकरण में सफलतापूर्वक पैरवी अभियोजन अधिकारी श्री प्रकाश सोलंकी द्वारा करते हुए विचारण पश्चात आरोपीगण को मा. न्यायालय से दोषसिद्ध कराते हुए 3-3 माह सश्रम कारावास और प्रत्‍येक को 1000-1000 रूपये के अर्थदण्‍ड से दंडित कराया । अभियोजन अधिकारी श्री प्रकाश सोलंकी द्वारा न्‍यायालय से निवेदन करने पर आरोपीगण से वसूली गई अर्थदण्‍ड की राशि में से 1000 रुपए फरियादी को ईलाज के लिए दिलाए जाने का आदेश दिलाया।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article

Exit mobile version