उम्मीद एजुकेशनल एंड वेल्फेयर संस्था की रिश्तेदारों ने की आर्थिक मदद | New India Times

अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ धुले (महाराष्ट्र), NIT:

उम्मीद एजुकेशनल एंड वेल्फेयर संस्था की रिश्तेदारों ने की आर्थिक मदद | New India Times

उम्मीद एजुकेशनल एंड वेल्फेयर संस्था के अध्यक्ष सलीम शेख व्हाट्सएप ग्रुप बना कर उसके माध्यम से लोगों को सामाजिक कार्यों से अवगत कराते रहते हैं जो तारीफ के काबिल है। लोग व्हाट्सएप पर इधर से कॉपी दूसरे ग्रुप में पेस्ट करते हैं लेकिन सलीम शेख इन्होंने उनके खुद के रिश्तेदारों के दो व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं, एक रिश्तेदारों को संदेश दूसरा उम्मीद संस्था व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। उन्हीं के गरीब रिश्तेदारों को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए मदद दी जाती है। रिश्तेदारों से रुपए जमा करके गरीब रिश्तेदारों को घर पहुंचा दी जाती है।

उन्होंने ने संवाददाता को बताया कि उम्मीद एजुकेशनल एंड वेल्फेयर संस्था का 2016, 2017, 2018 का ऑडिट हो गया है और हमें बड़ी खुशी है कि उम्मीद एजुकेशनल एंड वेलफेयर संस्था के बैंक खाते में रिश्तेदारों ने 2016 से 2018 तक गरीब रिश्तेदारों को मदद के लिए 80 से 90 हजार रुपए जमा करवाए हैं। इन्हीं रुपए में संस्था ने बेसहारा रिश्तेदार गरीब महिला को सिलाई मशीन देना ,गरीब जरूरतमंद की दवा खाने में रुपए से मदद करना इसी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से 2018 में 1 साल के लिए धुले शहर की 3 गरीब महिला को प्रति महीना 700 रूपय और एक गरीब महिला को प्रति महीना 500 रुपए शुरू किए गए हैं उसी तरह जलगांव की 4 महिला को 1 साल के लिए प्रति महीना 500 रूपय इसी महीने से शुरू हो रहे हैं व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए रिश्तेदारों में संस्था को रुपय से मदद देने का जज्बा काबिले तारीफ है कोई 500 रूपय तो कोई हजार रुपए दो हजार रुपए और ऐसी भी हमारे रिश्तेदार है जिन्हें 2017 में समाज रत्न से उम्मीद एजुकेशनल एंड वेलफेयर संस्था की और से सम्मानित किया गया है मिस्बाह अंजुम सैफुद्दीन साहब ,मुंबई इन्होंने संस्था को 2017 2018 में गरीब रिश्तेदारों की मदद के लिए उम्मीद संस्था के बैंक अकाउंट में 30.000 रुपय की मदद दी है एक और हमारे रिश्तेदार है शेख जाहिद गयासोद्दीन साहब (अबू धाबी) इन्होंने 2018 में गरीब रिश्तेदारों की मदद के लिए 30.949 रुपय संस्था को मदद की है आज उम्मीद एजुकेशनल एंड वेलफेयर संस्था कि जो भी काबिलियत है उसका श्रेय ग्रुप के सभी रिश्तेदारों को जाता है रिश्तेदारों की भलाई के लिए हमारे रिश्तेदार हमेशा तैयार रहते हैं और जो भी आने वाली समस्या है उसका हल उम्मीद संस्था व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से निकाला जाता है और गरीब लोगों की मदद की जाती है और मैं सलीम शेख सभी रिश्तेदार का शुक्रिया अदा करता हूं और मेरे रिश्तेदारों की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है।

By nit

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