मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर/इंदौर (मप्र), NIT:

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं खंडवा सांसद श्री नंद कुमार सिंह चौहान का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने से सियासी भूचाल आ गया है।पत्र ऐसे समय में वायरल हुआ है जब खंडवा के मांधाता से उनकी खुद की उम्मीदवारी भी तय होना है। वहीं अपने सियासी वजूद कई बक़ा के लिए अपने चहेते उम्मीदवारों को टिकट दिलाने और टिकट वितरण को लेकर बड़ी गहमा गहमी का माहौल है। राजनैतिक प्रतिद्वंदता पूरे ऊरूज पर है। अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को निपटाने के लिए हर सियासी अस्त्र शस्त्र या हरबा इस्तेमाल किया जाना जाईज़ माना जाता है।

सांसद नंद कुमार सिंह चौहान ने इस चिठ्ठी को अपने मुखालिफ कांग्रेसियों की साज़िश क़रार दिया है और इसे फ़र्ज़ी बताया है। सांसद नंद कुमार सिंह चौहान के अनुसार “आज सोशल मीडिया पर मेरे नाम से प्रचारित की गयी चिठ्ठी विरोधियों का घटिया हथकंडा है, ऐसा करके वे मेरी संगठन निष्ठा और कार्यकर्ता भाव को प्रभावित नहीं कर सकते। मैं यह साजिश करने वालों को सज़ा दिलाकर ही दम लूंगा।” श्री चौहान ने फर्जी चिठ्ठी की बाक़ायदा हस्त लिखित शिकायत इंदौर के एरोड्रम थाने में कर दी है साथ ही चुनाव आयोग को भी शिकायत करने का ऐलान किया है।
श्री चौहान ने कहा है कि जिस तरह की चिट्ठी सोशल मीडिया में प्रचारित की जा रही है, वह उन्होंने नहीं लिखी है, बल्कि उनके लैटरहैड को किसी ने चोरी करके अथवा नकली छपवाकर अनुचित इस्तेमाल करते हुए, उनकी और पार्टी की छवि खराब करने का प्रयास किया है। उन्होंने इसे विपक्षी दल की ओछी हथकंडे बाज़ी बताया है। श्री चौहान ने कहा है कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है और इसमें इस तरह पत्रों के जरिए अपनी बात कहने की परंपरा नहीं है। हमें जो भी कहना होता है, पत्र से नहीं, आपस में मिलकर बात कर लेते हैं। मेरे मन में पार्टी या किसी पदाधिकारी को लेकर किसी तरह का असंतोष स्वप्न में भी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मुझे यह पत्र देखकर घोर आश्चर्य हुआ है। जिसने भी यह करतूत की है उसको क़ानूनन सज़ा दिलाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन द्वारा इस पत्र पर कैसे और किस प्रकार संज्ञान लिया जाता है। हालंकि पत्र से कई राज़ भी सामने आ गए हैं, जो अब तक पर्दे के पीछे थे। इस सियासी भूचाल में कुछ भी होना संभव हो सकता है। खामोशी के साथ इंतेज़ार अपेक्षित है।
