अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ धुले (महाराष्ट्र), NIT:

परिवहन विभाग की लापरवाही बरतने के कारण फिर एक बार धुले ज़िले में हुए सड़क हादसे में स्कूल वाहन चालक और उसकी पुत्री को जान से हाथधोना पड़ा है। इससे पहले भी धुलिया तहसील में 17 लोगो को जान से हाथ धोना पड़ा है। छोटे हाथी में स्कूली बच्चों को ठूस ठूस स्कूल से उनके घर छोड़ते समय तेज रफ्तार एक ट्रक स्कूल वाहन से टकरा गया। परिवहन विभाग द्वारा स्कूल बसों की बस खाना पूर्ति हेतु जांच पड़ताल होती है, अगर समय पर परिवहन उड़नदस्ते और अधिकारियों द्वारा अवैध रूप से चल रहे स्कूल वाहनों पर धर पकड़ कार्रवाई होती तो इस तरह स्कूल बस चालक और उसकी पुत्री स्कूली छात्रा को जान से हाथ धोना नही पड़ता। एक बार फिर से परिवहन अधिकारी परवेज तड़वी की लापरवाही सामने आई है।

ज़िले की साक्री तहसील के अजंग ग्राम की स्वामी विवेकानंद इंग्लिश मेडिकल स्कूल के छात्रा दीपावली की छुट्टी मनाने छोटे हाथी से घर जा रहे थे कि इसी बीच ट्रक- टाटा एस में आमने सामने से भिड़त हो गई जिससे जहां छोटे हाथी में सवार चालक और उसकी पुत्री की दर्दनाक मौत हो गई तो वहीं पर करीब दस छात्राएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं जिन्हें उपचार हेतु जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार साक्री तहसील क्षेत्र के छडवेल पखरून गांव समीप शनिवार की दोपहर एक बजे के दौरान साक्री से दहिवेल की दिशा में जाने वाला छोटा हाथी क्रमांक एम एच 18 डब्ल्यू 6653 और दहिवेल से धुलिया की ओर आने वाला ट्रक क्रमांक एम एच 28 डी 7482 में आमने सामने भिंड़त हो गई जिसमें दिपाली संदीप गावित और संदीप ब्रिजलाल गावित ने सड़क हादसे में घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया वही पर दिलवर एकनाथ चौरे 10 वर्षे निवासी पाचमौली,करीना मनोहर कांबळे 13 जामखेली, दीक्षांत भरत गावीत 10 पिंजारझाडी, मृणाल कन्हैया भोये 10 वर्षे जामखेली, भारती भिमराव बागुल 13 रा.गुलतारे, कन्हैया तुळशीराम भोये 30 जामखेली, भरत आत्माराम गावित 50 पिंजारझाडी, हिरालाल ब्रम्हा चौरे 55 पाचमौली, राजेंद्र भगवान पवार 55 मावजीपाडा, वीरेंद्र राजेंद्र पवार 10 वर्षे मावजीपाडा पाडा घयाल हुई हैं। जख्मी हालत में छात्राओं को साक्री ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां पर डॉ बी पी गोयल, डॉ श्रेणीक पंडित, डॉ कुणाल भदाणे ने इलाज किया और गंभीर रूप से घायलों को हीरे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता धनराज चौधरी, नागसेन शिरसाठ, जितेंद्र जगदाळे आदि ने घटनास्थल पर पहुँच कर सहायता की।
