संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ पन्ना (मप्र), NIT:

पत्रकार के खिलाफ फर्जी प्रकरण दर्ज करने का नगर के सभी पत्रकारों ने विरोध करते हुए पुलिस की कार्यवाही को निंदनीय एवं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आजदी पर पुलिसिया प्रहार करार दिया है।
अमानगंज में विगत दिनों शाह नगर के वरिष्ठ पत्रकार के ऊपर पुलिस के द्वारा फर्जी मुकदमा बनाए जाने को लेकर अमानगंज के जागरुक पत्रकारों ने एकत्रित होकर विरोध जताते हुए कहा कि हर कठिन परिस्थितियों में जनमानस, गरीब तबके के लोगों के साथ खड़ा दिखाई देने वाले पत्रकार के ऊपर इस प्रकार से बर्बरता पूर्वक फर्जी कार्यवाही पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर निश्चित रूप से प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। इस प्रकार से पत्रकारों के ऊपर फर्जी कार्यवाही का होना ग्रामीण क्षेत्रों सहित जिले प्रदेश में अशांति का माहौल बनाने जैसा है। पत्रकारों की कलम एवं आवाज को दबाना अपराध को बढ़ावा देना, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना ही कहा जाएगा। पत्रकारों को डरा धमका कर पुलिस भयमुक्त होकर मनचाहा कार्य करने की कोशिश करने पर उतारू है ताकि उसकी मनमानी कार्यशैली उजागर ना हो सके। आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पुलिस ने पत्रकार को भीड़ का हिस्सा बनाया जबकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि पत्रकार कोई भीड़ का हिस्सा नहीं है, वह खबर कवरेज करने के लिए स्वतंत्र है। नगर के सभी पत्रकारों ने मनमाने ढंग से पत्रकार मदन तिवारी के ऊपर फर्जी कार्यवाही को लेकर पुलिस प्रशासन का विरोध करते हुए सभी ने एक स्वर में उनके द्वारा की गई गलत कार्रवाई की घोर निंदा की एवं जिले के माननीय पुलिस अधीक्षक व कलेक्टर महोदय से इस कार्यवाही को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। मालूम हो कि पूर्व में इसी प्रकरण को लेकर जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारियों से जिले के पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपकर पुलिस की बर्बरता कार्यवाही की निष्पक्ष जांच करने की मांग की थी एवं ज्ञापन सौंपा गया था जिसकी समय सीमा 72 घंटे निर्धारित की गई थी जो कल समाप्त होने जा रही है।
इस बाबत पन्ना अमानगंज के सभी पत्रकारों द्वारा एक स्वर में पुलिस जिला प्रशासन से समय सीमा में पुलिस की इस कार्यवाही को जांच कर दोषियों के ऊपर कार्रवाई करने की मांग की गई। आज के इस बैठक में मुख्य रूप से पत्रकार कल्याण परिषद के सभी सदस्य एवं नगर के पत्रकारगणों की मौजूदगी रही। जैसा कि मुख्य रूप से वरिष्ठ पत्रकार विजय सुहाने, चंपत राय तिवारी, प्रेम, राजदीप गोस्वामी, प्रेम नारायण सर्मा, आलोक मोदी, ओंकार तिवारी, जय हिंद सिंह भदोरिया, वेदराम पांडे, दीपेंद्र विश्वकर्मा, NIT संवाददाता संदीप तिबारी सहित सभी पत्रकार गणों ने विरोध जताया।
