अबरार अहमद खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गैस पीड़ित मरीज सालों से मुआवजे को लेकर प्रदर्शन कर रहे। लेकिन अब तक उन्हें उचित मुआवजा राशि नहीं मिला है। बुधवार को गैस पीड़ित संगठनों ने यूनियन कार्बाइड के पास एक पोस्टर लगाकर विरोध जताया है। संगठनों ने पोस्टर में लिखा है की “जो मुआवजा दिलाएगा वोट वही ले जायेगा।”
गैस पीड़ितों के अधिकार के लिए कार्य कर रहे कुछ संगठनों का कहना है कि इसके पहले मंत्री विश्वास सारंग को मुआवजे की मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया था जिसको लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
गैस पीड़ितों ने पहले भी अपने हक को लेकर गैस पीड़ित संगठन के पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना था कि राजधानी के चार विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ने वाला जो प्रत्याशी गैस पीड़ितों को 5 लाख रुपए मुआवजा दिलाने का शपथ पत्र देगा गैस पीड़ित उसे ही वोट देंगे। गैस पीड़ितों की इस मांग को लेकर अब दिग्गज पार्टियों में वोट बैंक की लड़ाई शुरु हो गई है।
गैस पीड़ितों के अधिकार के लिए काम कर रहीं राशिदा बी का कहना है कि इस साल दिसंबर में गैस कांड त्रासदी को 34 साल पूरे हो जाएंगे, लेकिन गैस पीड़ितों का दर्द इतने साल बाद भी अब तक खत्म नहीं हुआ है।
राशिदा बी के मुताबिक इन 34 सालों में कई सरकारें आईं और कई सरकारें गईं लेकिन गैस पीड़ितों के उचित मुआवजे की मांग पर किसी भी सरकार ने गंभीरता से विचार नहीं किया और ना ही जिन इलाकों में गैस पीड़ित रह रहे हैं वहां कुछ खास बदलाव ही हुआ। हर चुनाव में नेता आते हैं और वादा करके भूल जाते हैं। इसलिए इस बार गैस पीड़ित संगठनों ने तय किया है कि जो सरकार लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने का सच्चा वादा करेगी उसे ही वोट दिया जाएगा।
