अबरार अहमद खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश में चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहे हैं वैसे वैसे नेताओं का विरोध अंदर और बाहर दोनों ओर से शुरु हो गया है। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी सामने आया है जहां एक भाजपा के पार्षद द्वारा भाजपा के ही वर्तमान विधायक को टिकट नहीं देने की सिफारिश की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के पार्षद मनफूल मीना ने भाजपा अध्यक्ष के नाम एक आवेदन दिया है, जिसमें कहा गया है कि हुजूर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के ही विधायक रामेश्वर शर्मा को टिकट नहीं दिया जाए।
भाजपा पार्षद ने आरोप लगाया है कि विधायक बनने के बाद से ही वह जनता से दूर होने लगे थे साथ ही उनका व्यवहार भी जनता के साथ भेदभाव एंव तानाशाही जैसा होने लगा है। क्षेत्र की जनता उनसे नाराज़ है एंव समस्त
व्यापारी बंधु भी उनकी संस्था कर्मश्री के आयोजन में चंदा दे देकर परेशान हैं। चंदा के नाम पर उनको परेशान किया जाता है। विधायक जी ने हुज़ूर क्षेत्र में विकास के नाम पर जनता के साथ धोका किया है। उन्होंने ने भूमिपूजन एवं अपने नाम का बोर्ड लगवाने में केवल ज़ोर दिया है न कि समस्या दूर करने एवं विकास कराने में ध्यान दिया है। अपने स्वार्थ के चलते इन्होंने ने भाजपा के कई पुराने नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को उपेक्षित करके रखा है जिसके कारण पार्टी के अंदर कलह उत्पन्न हो गई है। क्षेत्र की समस्त जनता एवं भाजपा कार्यकर्ता विधायक जी के कार्यप्राणली एवं व्यवहार से काफी नाराज़ हैं जिससे क्षेत्र में विरोध का माहोल बन चुका है जिसके चलते भाजपा पार्टी का भी नुकसान हो रहा है। अगर रामेश्रवर शर्मा जी को हुज़ूर विधान सभा से पार्टी का प्रत्याशी बनाया जाता है तो इतिहास में पहली बार इस क्षेत्र से भाजपा पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इनके इलावा अगर किसी और को प्रत्याशी बनाया जाता है तो जनता का विरोध दब जायेगा एवं पार्टी की जीत निशचित हो जायेगी।
