Edited by Sandeep Shukla, नई दिल्ली, NIT:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पुलिस स्मारक दिवस के मौके पर स्वतंत्रता के बाद से पुलिस जवानों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान के सम्मान के मौके पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय पुलिस संग्राहालय देश को समर्पित किया। जवानों की शहादत याद करते हुए पीएम मोदी कुछ पलों के लिए भावुक भी हो गए।
पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि देश के हर राज्य में, हर पुलिस स्टेशन, हर पुलिस चौकी में तैनात, राष्ट्र की हर संपदा की सुरक्षा में जुटे, राहत के काम में जुटे साथियों को, आप सभी को भी मैं बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि यह स्मारक देश के पुलिसकर्मियों की वीरता और शौर्य का प्रतीक है। देश में कई उपद्रवों को पुलिस की सतर्कता के चलते ही काबू में लाया गया। देश को डर और अनिश्चितता में झोंकने के मंसूबे पुलिस के कारण की सफल नहीं हो पाए।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा प्रबंधन में काम करने वाले पुलिस और सशस्त्र बल के जवानों के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर एक सम्मान की घोषणा भी की। यह पुरस्कार नेता जी की जयंती 23 जनवरी को प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता एलके अडवाणी उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और उपस्थित अतिथियों और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
गौरतलब है कि 1947 से अभी तक 34,844 पुलिस जवान शहीद हो चुके हैं जिनमें 424 पुलिस जवानों ने इसी वर्ष अपनी शहादत दी है। इनमें से कई बहादुर जवानों ने कश्मीर, पंजाब, असम, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम जैसे विभिन्न क्षेत्रों एवं देश के वाम चरमपंथ क्षेत्रों में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जानें गवाई हैं।
