अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने लाखों के अवैध आतिशबाजी विस्फोटक के साथ दो आरोपियों को किया गिरफ्तार | New India Times

संदीप शुक्ला, सिवनी /ग्वालियर (मप्र), NIT:

अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने लाखों के अवैध आतिशबाजी विस्फोटक के साथ दो आरोपियों को किया गिरफ्तार | New India Times

सिवनी जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के चलते थाना सिवनी मालवा में अनुविभागीय अधिकारी एस एल सोनिया जी के मार्गनिर्देशन एवं थाना प्रभारी अजय तिवारी के नेतृत्व में गठित टीम के उपनिरीक्षक दीपक शर्मा , विजेंद्र सिंह सोलंकी, सहायक उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार पटने, रामचन्द्र खातरकर, प्रधान आरक्षक धनसिंह, आरक्षक महेन्द्, शैलेन्द्र, कमल किशोर ने दो अलग अलग जगहों से रहवासी इलाका क्षेत्र में अपने घर में रखे अवैध विस्फोटक आतिशबाजी पटाखे की 43 कार्टून जिसकी कीमती लगभग साढ़े चार लाख रुपए के बरमाद करने में कामयाबी हासिल हुई है।

थाना सिवनीं मालवा में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि बानापुरा इलाके जवाहर चौक पर स्थित संदीप अग्रवाल एवं दमाड़िया रोड पर स्थित जालिम ठाकुर अपने अपने घर पर विस्फोटक आतिशबाजी पटाखे रखे हुए हैं। सूचना पर उक्त टीम को दोनो स्थानों पर दबिश हेतु रवाना किया गया। टीम के द्वार मौके पर दबिश दी गयी तो दबिश में बानापुरा जवाहर चौक पर स्थित श्री जी कलेक्शन के ऊपर प्रथम मंजिल पर स्थित संदीप अग्रवाल पिता बृज किशोर अग्रवाल के कमरे में से 21 कार्टुन रखे मिले जिनमें अलग अलग प्रकार के आतिशबाजी पटाखे रखे हुए थे जिनकी कीमत 2 लाख रूपए बताई गई है, वही दूसरी ओर दमाड़िया रोड पर मंडी नाके के सामने स्थित जालिम सिंह ठाकुर पिता शंकर सिंह ठाकुर के घर पिछले वाले कमरे में कुल 22 कार्टुन जिनमे अलग अलग प्रकार के आतिशबाजी पटाखे रखे हुए मीले जिनकी कीमत करीब ढाई लाख रुपए बताई गई है। दोनो स्थानों से सभी प्रकार के पटाखो से भरे कुल 43 कार्टूनों कीमती करीब साढ़े चार लाख रुपए जप्त कर आरोपी संदीप अग्रवाल पिता ब्रिज किशोर अग्रवाल, जालिम ठाकुर पिता शंकर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। उक्त आरोपियों द्वारा रहवासी इलाके में ज्वलनशील पदार्थ आतिशबाजी अपने घर में रखने से इनके इस आचरण से मानव जीवन संकटापन्न होना संभाव्य था, आरोपियों का यह कृत्य 285 IPC एवं विस्फोटस्कअधिनियम 1884 की धारा 5/9ख(1)ख के तहत दंडनीय पाए जाने पर आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीकृत कर धारा 412,413 के तहत विवेचना में लिया गया है।

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