पुरुषोत्तम कामठे, यवतमाल(महाराष्ट्), NIT;
श्री वसंतराव नाईक शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व रुग्लय यवतमाल में डाक्टरों की मनमानी, असुविधाओ व भृष्टाचार के खिलाफ कई बार शिकायत करने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।
मिली जानकारी के अनुसार वसंतराव नाईक शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व रुग्णालय में आए दिन मशीनें पडी रहती हैं जिसकी वजह मरीजों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जाकारी के अनुसार एक्सरे प्रिंटर, सोनोग्राफी मशीन, इसीजी मशीन, डायलिसिस मशीन, 2डी इको मशीन, व्हेंटीलेटर मशीन बंद होने की वजह से पेशंट को इन मशीनों से होने वाली जांच के लिए बाहर प्राइवेट में भेजा जाता है जिसके लिए मरीजों को बडी रकम खर्च करनी पडती है जोकि गरीब मरीजों के लिए काफी दुखदाई है। आरोप है कि इस सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की प्राइवेट वालों से सेटिंग्स हैं। प्राइवेट में जांच कराने वाले मरीजों इन डॉक्टरों को मोटी रकम कमीशन के रूप में मिलती है। लोगों का आरोप है कि इस सरकारी हॉस्पिटल के 20 से 25 डॉक्टर सरकार से तनखा लेकर अपने खुद के हॉस्पिटल चला रहे हैं और इन सब भ्रष्टाचार की जानकारी होते हुए भी अशोक राठोड़ कोई कार्रवाई न करते हुए खुद भी कमाई करने में लगे हुए हैं। कुछ जागरूक नागरिकों ने इस मामले की शिकायत स्वास्थय मंत्रालय में करने की बात कही है।
