चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती, मध्य प्रदेश में करोड़ों संबल योजना के कार्ड कैसे होंगे जप्त? | New India Times

अश्वनी मिश्रा की खास रिपोर्ट

भोपाल (मप्र), NIT :

चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती, मध्य प्रदेश में करोड़ों संबल योजना के कार्ड कैसे होंगे जप्त? | New India Times

चुनाव आयोग ने शिवराज सरकार से संबल योजना को लेकर जांच रिपोर्ट तलब की है। संबल योजना के तहत बांटे जा रहे स्मार्ट कार्ड्स पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तस्वीर की शिकायत चुनाव आयोग से की गई थी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव के अनुसार संबल योजना को लेकर की गई इस शिकायत का परीक्षण किया जा रहा है और मामले में एक जांच रिपोर्ट शासन से तलब की गई है। रिपोर्ट आने के बाद उसे भारत निर्वाचन आयोग भेज दिया जाएगा। लेकिन चुनाव आयोग के लिए मध्यप्रदेश में लाखों की तादात में बांटे गए संबल योजना के स्मार्ट कार्ड अब मुसीबत से कम नजर नहीं आ रहे हैं क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में इन स्मार्ट कार्ड को जप्त करना भी चुनाव आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

करोड़ों संबल कार्ड में शिवराज सिंह की फोटो

चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती, मध्य प्रदेश में करोड़ों संबल योजना के कार्ड कैसे होंगे जप्त? | New India Times

बता दें कि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत बनाए गए मकानों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की फोटो हटाने के दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। लेकिन मध्यप्रदेश में लाखों की तादाद में बांटे गए संबल योजना के तहत कार्डों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की फोटो लगी हुई है अब चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती यह है कि क्या उक्त लाखों कार्ड कैसे और कब जप्त होंगे। मध्यप्रदेश में लाखों की तादात पर घरों घर संबल योजना के तहत वितरित किए गए कार्डों में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की फोटो लगी हुई है और यह खुले तौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन ही माना जाएगा। इससे पहले भी संबल योजना पर सवाल उठते रहे हैं। संबल योजना के कार्ड पर शिवराज की तस्वीर लगने के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा था। वहीं अब इसे राज्य चुनाव आयोग ने इसे संज्ञान में लिया है और इस पर रिपोर्ट मांगी है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version