विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भिंड जिलाधीश ने सभी लायसेंसी हथियार 15 अक्टूबर तक थानों में जमा करने के दिए आदेश | New India Times
अविनाश द्विवेदी, भिंड (मप्र), NIT:
विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भिंड जिलाधीश ने सभी लायसेंसी हथियार 15 अक्टूबर तक थानों में जमा करने के दिए आदेश | New India Times

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा गत 6 अक्टूबर 2018 को अपरान्ह 3 बजे से मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन 2018 के चुनाव की घोषणा की जा चुकी है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही भिण्ड जिले में राजनैतिक पार्टियों तथा व्यक्तियों द्वारा जुलूस, जनसंपर्क आमसभाऐं इत्यादि गतिविधियां तेजी से प्रारंभ कर दी है। जिसमें काफी अधिक संख्या में व्यकित सम्मिलित हो रहे है।
जिला दण्डाधिकारी श्री आशीष कुमार गुप्ता ने आदेश जारी कर कहा कि भिण्ड जिला कानून और व्यवस्था की दृष्टि से अति संवेदनशील जिला होने के कारण जनसमूह के एक स्थान पर जमा होने, जुलूस निकालने, राजनैतिक दलों/व्यक्तियों द्वारा जनसमूह के मध्य उत्तेजक वक्तव्य देने की आशंका से जन आक्रोश उत्पन्न होकर कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है। असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध शस्त्र लेकर चलने से कानून व्यवस्था भंग होने की आशंका भी है। भिण्ड जिले में पूर्व में हुए निर्वाचन की प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों तथा उनके समर्थकों द्वारा मतदाताओं तथा मतदान दलो को आतंकित करने तथा मतदान केन्द्रों पर हिंसाजनित कार्यवाही करने से कानून व्यवस्था भंग होने से संबंधित घटनाऐं घटित हो चुकी है। ऐसी स्थिति में लायसेंसी शस्त्रों का दुरूपयोग संभाव्य है क्योंकि भिण्ड जिले में काफी अधिक संख्या में लायसेंसी शस्त्रधारी है। ऐसे में शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष निर्वाचन सम्पन्न कराने के लिए लायसेंसो पर दर्ज शस्त्रों का नियमन अत्यावश्यक है।
उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए मा.उच्च न्यायालय बोम्बे के आदेश के पालन क्रम अनुसार आयुध अधिनियम की धारा 17 (3) ख में निहित प्रावधानों को प्रयोग में लाते हुए भिण्ड जिले की राजस्व सीमाओं के भीतर समस्त लायसेंसी शस्त्रों के निर्धारित फार्म (3) और (5) में जारी सभी प्रकार के शस्त्र तत्काल प्रभाव से गत 6 अक्टूबर 2018 से 15 दिसम्बर 2018 तक निलंबित किए जाते है। सभी लायसेंसधारी शस्त्रधारियों को आदेशित किया है कि वह अपना शस्त्र संबंधित थानो में 15 अक्टूबर 2018 तक अनिवार्य रूप से जमा करें।
इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति की शस्त्र अनुज्ञप्ति आयुध अधिनियम की 17 के अंतर्गत निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही आयुध अधिनियम, भारतीय दण्ड संहिता तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत भी दण्डात्मक कार्यवाही पृथक से प्रचलित की जाएगी। शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों की अधिक संख्या होने तथा सभी संबंधित व्यक्तियों को सूचना देकर सुनवाई का अवसर देने हेतु पर्याप्त समय न होने के कारण यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किया जाता है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से भिण्ड जिलीे की राजस्व सीमाओं के भीतर लागू होकर आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। यह आदेश गत 6 अक्टूबर 2018 से प्रभावशील होगा।

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