अरशद आब्दी, ब्यूरो चीफ झांसी (यूपी), NIT:
झांसी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की गुंडागर्दी से आये दिन बुंदेलखंड की जनता परेशान होती रहती है। गरीबी एवं बीमारी से ग्रस्त मरीज को भी और तीमारदारों को आये दिन जूनियर डॉक्टरों की गुंडागर्दी झेलनी पड़ती है। मरीजों को न तो अच्छी चिकित्सीय सुविधा मिल रही है ना ही सरकारी दवाइयां प्राप्त हो रही हैं।
प्रदेश सरकार और अस्पताल प्रशासन सुविधाएं बेहतर करने के लिए संकल्परत है लेकिन जूनियर डॉक्टरों द्वारा आए दिन की जाने वाली मारपीट से मेडिकल कॉलेज की छवि को पलीता लग रहा है।
पिछले दिनों सागर पांडे नामक युवक अस्पताल में भर्ती था जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि जूनियर डॉक्टरों द्वारा मृतक की ऑक्सीजन निकाल देने की वजह से सागर पांडे की मौत हुई है जिसके बाद परिजनों और डॉक्टरों के बीच झड़प भी हुई।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि युवक की मौत डॉक्टरों द्वारा की गई लापरवाही और ऑक्सीजन बंद कर देने से हुई है, वहीं डॉक्टरों का कहना है कि युवक की मौत सल्फास खाने से हुई है। यहां तक तो मामला सीमित रहा लेकिन 2 दिन पूर्व मेडिकल कॉलेज के सीएमएस द्वारा मृतक परिवार के परिजनों पर मारपीट और अन्य कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया वहीं पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है।

इस घटनाक्रम को देखते हुए पुलिसवाला राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के पत्रकार सुल्तान आब्दी मंगलवार दोपहर 2:00 बजे से झाँसी के इलाइट चौराहे पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की गुंडागर्दी जल्द से जल्द समाप्त की जाए और मृतक सागर पाण्डेय के परिवार को पूर्ण रूप से न्याय दिया जाए।
पत्रकार सुल्तान आब्दी ने कहा कि यह आमरण अनशन मेरे व्यक्तिगत हित के लिए नहीं है बल्कि यह अनशन पीड़ित परिवार के न्याय और मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों से त्रस्त बुंदेलखंड की जनता के लिए है, जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता यह आमरण अनशन जारी रहेगा। झांसी मीडिया क्लब के अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने पत्रकार सुल्तान आब्दी को माला पहनाकर आमरण अनशन की शुरुआत कराई।
इस आमरण अनशन के पहले दिन ही बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी संस्थाएं और राजनैतिक पार्टियां समर्थन करने पहुँची, जिसमें बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के भानु सहाय, बजरंग दल से अंचल अड़जरिया, आम आदमी पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता, अखिल भारतीय भ्रष्टाचार एवं अपराध निवारण परिषद के अध्यक्ष प्रकाश रायकवार और सचिव राजेंद्र कुमार दुबे, अखिल भारतीय कामगार व्यापार मंडल के अध्यक्ष इनायत सिद्धकी, भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन से आकाश कुलश्रेष्ठ, पवन गुप्ता, कुणाल सिंघल, राजू गुफरान, राजू कुशवाहा, आलोक अग्रवाल के साथ कई संस्थाएं और सैकड़ों कार्यकर्ता समर्थन करने पहुंचे।

