छात्रावास में बालक ने लगाई फांसी, शिवसेना ने किया विरोध प्रदर्शन, ट्रायबल विभाग के अधिकारियों की नींद हराम | New India Times
मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
छात्रावास में बालक ने लगाई फांसी, शिवसेना ने किया विरोध प्रदर्शन, ट्रायबल विभाग के अधिकारियों की नींद हराम | New India Times
ट्रायबल विभाग द्वारा पुरूषार्थी स्कूल के सामने, सिंधी बस्ती के पीछे संचालित एवं नियंत्रित प्री मैट्रिक छात्रावास में 11 वीं कक्षा में अध्ययनरत उदय लहासे पिता संजय लहासे उम्र अंदाज़न 15 साल, निवासी नायर (नांदूरा) नामक छात्र के द्वारा पंखे से लटक कर फांसी लगा ली है जिससे छात्रावास के अधिकारियों की नींद हराम हो गई है। बताया जाता है कि मृतक छात्र का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के चलते स्कूल नहीं गया था। छात्रावास में अपने आपको अकेला पाकर यह क़दम उठाया है। घटना की खबर मिलते विभाग की सहायक संचालक रंजना सिंह ने इसकी सूचना पुलिस अधिकारीयों को दी। लालबाग पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा बनाकर छात्र को फंदे से उतारा तथा पोस्टमार्टम के लिए भेजा इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए आदिवासी विभाग की सहायक संचालक रंजना सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी वहीं यह भी देखा जाएगा कि छात्रावास अधीक्षक के लापता होने की भी जांच कराई जाएगी। मृतक बालक के पालकों को भी इसकी सूचना दी गई है।

घटना पर शिवसेना ने किया विरोध प्रदर्शन

घटना की सूचना मिलते ही शिवसेना इंदौर संभाग प्रमुख आशीष शर्मा घटना स्थल पहुंचे और विस्तृत जानकारी प्राप्त की। चश्मदीद गवाहों ने बताया कि घटना के समय छात्रावास अधिक्षक सहित कोई भी जिम्मेदार उपस्थित नहीं था।

देश का होनहार भविष्य काल का ग्रास बन गया

यदि कोई भी जिम्मेदार छात्रावास में रहता तो कदाचित् दर्दनाक घटना नहीं होती। बच्चों के साथ सार्थक संवाद नियमित अधीक्षक का बना रहता तो आत्महत्या जैसी वीभत्स दुर्घटना से बचा जा सकता था। यह जांच का विषय है कि ऐसी कौन सी दुविधात्मक परिस्थिति बनी कि बालक ने अप्रत्याशित कदम उठाया।
पीड़ित परिवार के प्रति गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए आशीष शर्मा ने पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की कि घटना की गंभीरता से जांच कर दोषियों के विरूद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाये और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता अविलंब दी जाये साथ ही यह सुनिश्चित किया जावे कि भविष्य में किसी मासूम के साथ भयावह दुर्घटना ना हो।

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