अबरार अहमद खान, मुरैना/भोपाल; NIT;
रेशमा सोंलकी नामक महिला एवं यूसुफ मंसूरी नामक युवक द्वारा महासभा के नाम पर यह ख़बर फैलाई जा रही है कि मुस्लिम महासभा से प्रदेश सचिव नफीस खान मंसूरी, मुरैना जिलाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक पटेल और आरिफ खान मेवाती को अनैतिक कार्य करने की शिकायत मिलने पर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
जब इस संबंध में NIT सांवाददाता ने मध्यप्रदेश सचिव नफीस मंसूरी से बात की तो उन्होंने ने अपने निलम्बन की खबरों को निराधार बताया। उन्होंने बताया कि रेशमा सोलंकी का उनके संगठन से कोई ताल्लुक नहीं है, ना ही उसे हम जानते है। हमारे संगठन की प्रमुख फरहीन यूनुस शैख हैं। जो मुस्लिम महासभा के संस्थापक मरहूम यूनुस शैख की पत्नी हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान खान (गाजियाबाद उ.प्र.) हैं। उनका संगठन मुस्लिम महासभा 391 सम्पूर्ण भारत में कार्य के लिए अधिकृत है। आगे उन्होंने ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा फोन पर लगातार धमकियां दी जा रही हैं जिसकी शिकायत प्रसाशनिक अधिकारियों से की जायेगी। महासभा पदाधिकारियों के निलम्बन की झूठे खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुस्लिम महासभा राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान खान का कहना है कि महासभा के नाम पर भ्रमक खबरें फैला रही रेशमा सोंलकी नामक महिला और युसुफ मंसूरी नामक युवक के खिलाफ मामला गाजियाबाद यूपी कोर्ट में है। उनकी संस्था से उक्त महिला का कोई लेना देना नहीं है।उनकी संस्था की कार्यकारिणी उन्होंने आगामी आदेश तक भंग कर रखी है। उन्होंने बताया कि रेशमा सोंलकी नामक महिला और युसुफ मंसूरी नामक युवक के खिलाफ महासभा के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का मामला न्यायालय में है।
इस मामले में मुस्लिम महासभा की प्रमुख फहरीन यूनुस शैख जो मुस्लिम महासभा संस्थापक मरहूम यूनुस शेख की पत्नी हैं । मुस्लिम महासभा मध्यप्रदेश प्रदेश अध्यक्ष जैद पठान, प्रदेश सचिव नफीस मंसूरी, मुरैना जिलाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक पटेल, आरिफ मेवाती सहित सभी पदाधिकारी यथावत हैं। महासभा के नाम पर फर्जी खबरें चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुरैना टीम ने हर बार हिन्दू मुस्लिम एकता पर जोर दिया, सामूहिक निकाह सम्मेलन आयोजित किया, बेटी बचाओ बेटी पढाओ, शराब बंदी, रक्तदान शिविर, बाढ डोनेशन आदि जैसे सामाजिक काम, हर तरह के जमीनी स्तर के कामों को अंजाम दिया, जिसकी वजह से कुछ लोगों को मुरैना टीम के बढ़ती कामयाबी से जलन होने लगी है और मुरैना पदाधिकारियों का नाम बदनाम करने पर उतारू हो चुके हैं। ऐसे लोगों पर महासभा सख्त से सख्त कार्यवाही की मांग प्रशासनिक अधिकारियों से करेगी।
