पीयूष मिश्रा अश्वनी मिश्रा, सिवनी/भोपाल, NIT;
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सबसे महत्वकांक्षी संबल योजना पर सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं। दरअसल पूरा मामला मध्यप्रदेश में संबल योजना के नाम पर अरबों रुपए के भ्रष्टाचार के मामले में मंत्री, विधायक, पार्षद, सरपंच और पंचों सहित उद्योगपति, अधिकारी-कर्मचारियों सहित भाजपा के कई नेताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आ रही है। इस पूरे घोटाले के मामले में कांग्रेस कमेटी ने भी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने कुछ महीनों बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार की संबल योजना पर सवाल खड़े करते हुए अरबों रुपए के घोटाले का बड़ा आरोप लगाया है।
प्रदेश के 40 फ़ीसदी लोगों को बनाया गया मजदूर
संबल योजना में अरबों रुपए के भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस मीडिया सेल की अध्यक्ष शोभा ओझा ने दस्तावेजों के आधार पर सरकार पर कई आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकार ने संबल योजना के तहत करोड़ों का घोटाला किया है। करीब 40 फ़ीसदी लोगों को योजना से जोड़कर असंगठित मजदूर बनाया गया है। कांग्रेस ने घोटाले में 550 करोड रुपए के आवंटन के दस्तावेज होने का दावा भी किया है।
5 करोड़ मतदाता में 2 करोड़ 16 लाख मजदूर?
कांग्रेस मीडिया सेल की अध्यक्ष शोभा ओझा ने दस्तावेजों के आधार पर यह आरोप भी लगाए हैं कि करीब 40 फ़ीसदी लोगों को योजना से जोड़कर असंगठित मजदूर बताया गया है। मध्यप्रदेश में कुल सवा सात करोड़ जनसंख्या में से लगभग 5 करोड़ मतदाता हैं जिनमें से करीब 2 करोड़ 16 लाख लोगों को संबल योजना के तहत पंजीकृत कर उन्हें मजदूर दर्शाया गया है।
बिजली बिल माफी में फर्जीवाड़ा
संबल योजना के नाम पर पूरे प्रदेश में यह बात भी सामने आ रही है कि योजना का लाभ पाने के लिए अधिकारियों की मिलीभगत से उद्योगपति, सरकारी कर्मचारी, अधिकारियों सहित व्यवसाइयों और नेताओं सहित हजारों अपात्र लोगों ने मजदूरों के तौर पर अपना पंजीयन करवा लिया है। बिजली बिल में छूट और पिछले बिलों का बकाया माफ करवाने के लिए योजना में इतनी बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा किया जा रहा जिसमें कई अरबपतियों और लखपतियों सहित पूंजीपतियों और व्यापारियों के नाम भी असंगठित मजदूर के नाम पर सामने आ रहा है।
बंगलों और कार वालों के आ रहे हैं 200 रुपए के बिल
मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर सहित कई बड़े शहरों के अलावा सिवनी जिले में बिजली बिल माफी योजना और मुख्यमंत्री की सरल बिल योजना में विद्युत विभाग के जोनल कार्यालय मुख्य सहायक इंजीनियर और कार्यपालन यंत्रीयों ने जमकर फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार किया है। प्रदेश में अगर संबल योजना के नाम पर असंगठित मजदूरों को वितरित किए गए कार्डो की जांच कराई जाए तो कई अरबपतियों, लखपतियों सहित बंगले, कार वालों और सक्षम परिवारों सहित कई अधिकारियों कर्मचारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
