पंकज शर्मा, धार (मप्र), NIT;
मध्यप्रदेश के शासकीय शालाओं में विगत 11 वर्षो से अतिथि शिक्षक अल्पवेतन पर कार्य करते आ रहे हैं, अतिथि शिक्षकों ने अपने पद स्थायित्व के लिये ब्लॉकों, जिलों से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन कर चुके हैं और प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान अतिथि शिक्षकों को कई बार आश्वासन दिया है कि सरकार आपकों पर्मानेंट करेगी , लेकिन ये घोषणा केवल कागजो पर ही सिमट कर रह गई है। बजट सत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, अतिथिगृह विद्वानो ,अतिथि शिक्षकों का दुगुना वेतनमान करने का निर्णय हो चुका था, जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता,अतिथि विद्वानो का वेतन बढ़ा दिया गया लेकिन अतिथि शिक्षकों का वेतन आज तक नहीं बड़ा सत्र 2018-19 में अतिथि शिक्षकों की ऑनलाइन भर्ती कर सरकार ने 11 सालों से कार्यकर रहे अतिथि शिक्षकों को बाहर कर बेरोजगार कर दिया है, जिससे प्रदेश भर के अतिथि शिक्षको को सरकार के प्रति भयानक आक्रोश हैं , इन सभी मुद्दो को लेकर अतिथि शिक्षक काली पट्टी बांधकर अध्यापन कराएंगे, जिले के समस्त अतिथि शिक्षकों से अपील की जाती हैं, कि कल सभी अपनी-अपनी शालाओं में शालाओं में काली पट्टी बांधकर अध्यापन कार्य कराए।
प्रमुख मांग…..
- शिक्षक भर्ती से पहले ही अतिथि शिक्षकों का दायित्व।
- (2) ऑनलाइन भर्ती से केवल 50% भर्ती हुई हैं, शेष भर्ती ऑफलाइन की जाकर पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त किया जाय।
- (3) दुगने वेतन वृध्दि के आदेश तत्काल रूप से जारी किये जाए।
- इस के साथ ही सरकार 25% आरक्षण का प्रदेश के अतिथि शिक्षक विरोध करते हैं।
यह जानकारी जिलाध्यक्ष लाखन चन्देल द्वारा हमारे NIT संवाददाता को दी गई हैं।
