फराज अंसारी, बहराइच (यूपी), NIT;
बहराइच जनपद से सटे इंडो नेपाल बॉर्डर पर बसा रुपईडीहा पूरी तरह से नशे का हब बनता जा रहा है। खुलेआम यहां नशीले पदार्थ की खरीद फरोख्त की जा रही है। यहां पर लोग खुलेआम मेडिकल स्टोरों पर नाइट्रोशन टैबलेट व नशीली सीरप के साथ साथ अन्य कई नशीला पदार्थ बेंच रहे हैं। जिससे देश के भविष्य कहे जाने वाले युवक और युवतियां नशे का सेवन कर पूरी तरह से बर्बाद हो रहे हैं।
एक ओर जहां योगी सरकार प्रदेश को नशा मुक्त बनाने का प्रयास कर रही है वहीं अधिकारियों की मिलीभगत से इंडो नेपाल बॉर्डर पर नशे का साम्राज्य स्थापित हो रहा है। इन नशीला पदार्थ बेचने वालों पर कोई कार्यवाही न होने से कस्बे के लोग काफी चिंतित हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि इस कस्बे में मात्र जहां केवल दो चार मेडिकल स्टोर हुआ करते थे आज सैंकड़ों हैं, गली कूचों में लोग मेडिकल स्टोर खोल रखे हैं। जिनकी शैक्षणिक योग्यता भी नही है। अनपढ़ लोग फर्जी तरीके से मेडिकल स्टोर खोलकर नशीली दवाइयां खुलेआम बेच रहे हैं।
जिला भाजपा कार्यकारणी के सदस्य रमेश कुमार अमलानी ने एनआईटी संवाददाता को बताया कि यह सारा काम संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है। कुछ मेडिकल स्टोरों को छोड़कर किसी के पास भी लाइसेंस तक नही है, केवल दिखाने के लिए दो चार डीब्बा दवाइयां रखे हैं बाकी सारा दिन नशे की दवाई बेची जा रही है। रेल्वे स्टेशन रोड, चकिया मोड़ चौराहा, प्राइवेट बस स्टैंड के आस पास से लेकर छोटी नहर तक मेडिकल की आड़ में नशे का धंधा पनप रहा है। यही नही एक लाइसेंस पर एक ही नाम से कई मेडिकल स्टोर भी चल रहे हैं।
