मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT;
नगर के प्रख्यात सूफी संत हजरत नज़ीर मियां चिश्ती (रअ) का 139 वां तीन दिवसीय सालाना उर्स सिंधी बस्ती, लालबाग रोड स्थित आस्ताना ए आलिया पर अपनी पूरानी परंपरा और खानक़ाही रीति रिवाज अनुसार 30, 31 अगस्त व 1 सितम्बर को भारत की प्रसिध्द अध्यात्मिक हस्ती एवं दरगाह शरीफ के सज्जादा नशीन हज़रत सैय्यद मोहम्मद फारुक मियां चिश्ती की सरपरस्ती व निगरानी में और हज़ारों अक़ीदतमंदान की मौजूदगी में सम्पन्न होगा। उर्स को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश के देवा शरीफ से सैय्यद मोहम्मद फारुक मियां चिश्ती 25 अगस्त को बुरहानपुर तशरीफ ला चुके हैं।
आयोजन कर्ताओं की ओर से जानकारी देते हुए खादिम ए खास पीरज़ादा सैय्यद मुस्तफा अली सागर ने बताया कि 30 अगस्त जुमेरात को शाम में संदल चढ़ाया जाएगा। 139 साला पूरानी परंपरा एवं रीति रिवाज के अनुसार स्वर्गीय अशरफ पेंटर की रिहाईशगाह वाक़ेय गांधी चौक से सैय्यद मोहम्मद फारुक मियां चिश्ती की सरपरस्ती में निकाला जाएग, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होकर सिंधी बस्ती दरगाह पर पेश होगा। इसी रात आयोजित नआतिया मुशायरे में भारत सहित बुरहानपुर के शायर अपना कलाम पेश करेंगे। नआतिया मुशायरे के पूर्व दारुस सुरूर के द्वितीय अंक का विमोचन फारूक मियाँ के हस्ते एवं गुलदस्ता ए मनाक़िब का विमोचन बुज़ुर्ग शायर हक़ कानपुरी के हस्ते सम्पन्न होगा। 31 अगस्त शुक्रवार को नक़श ए पाए मुबारक को मज़ार ए मुबारक पर नस्ब किया जाएगा, रात्रि 9 बजे से दरभंगा बिहार से पधारे अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक विद्वान मौलाना अबुल हक़्क़ानी साहब एवं स्थानीय वक्ता मौलाना कलीम अशरफ हबीबी का प्रवचन होगा । 1 सितम्बर शनिवार को कुरआन खवानी व गुस्ल शरीफ की रस्म के साथ रात्रि में गागर शरीफ का आयोजन होगा। आयोजन समिति के हाजी मोहम्मद आमीन अब्दुल सत्तार , एडवोकेट फरीद अहमद, युसुफ हबीबी, इफ्तिखार एहमद मुकादम सहित अंजुमन बे नज़ीर और बज़्म ए चिश्तिया के समस्त सदस्यों ने इस तीन दिवसीय आयोजन में शामिल होने और इसे सफल बनाने की अपील की है।
