अविनाश द्विवेदी, भिंड (मप्र), NIT;
कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय प्रशिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आज से भिंड जिले के दंदरौआ धाम में आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर में देश भर के अलग-अलग राज्यों से 400 प्रशिक्षणार्थियों के शामिल होने की संभावना है। वहीं कांग्रेस के बड़े बड़े लीडरों की आने की बात भी कांग्रेस पार्टी द्वारा बताई जा रही है। लेकिन सबसे खास बात यह है कि कांग्रेस अब RSS के नक्शे कदम पर चलने की तैयारी में दिखाई दे रही है। कांग्रेस सेवादल द्वारा ग्वालियर में जारी प्रेस नोट में यह साफ दिखाई दे रहा है।
देशभर में मोदीमय भाजपा के लगातार बढ़ते प्रभाव के बीच अपनी जमीन खिसकते देख रही कांग्रेस अब संगठन को मजबूत कर अपनी खोई हुई जमीन को वापस पाना चाह रही है। इसके लिए कांग्रेस के स्वयंसेवक संगठन कांग्रेस सेवादल को अब मजबूती प्रदान करने की कोशिश की जा रही है। अभी तक कांग्रेस हमेशा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कोसती रही है लेकिन अब कार्यकर्ताओं में मनोबल भरने के लिए उसी आरएसएस का सहारा लिया जा रहा है। जी हां भिंड जिले में कांग्रेस सेवादल द्वारा जारी प्रेस नोट से तो यही प्रतीत हो रहा है।
कांग्रेस सेवादल का प्रशिक्षकों का पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर आज से भिंड जिले के दंदरौआ में आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए शिविर संयोजक द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच एक पत्र भी जारी किया गया जो प्रेस नोट के तौर पर भी दिया गया। इस लेटर में कांग्रेस सेवा दल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समान संगठन बताते हुए सेवादल को जनता के बीच ले जाने की बात कही जा रही है। इस शिविर का उद्देश्य बताते हुए भारतीय जनता की मानसिकता को कांग्रेसमयी करने की बात प्रेस नोट में कही गई है। प्रेस नोट में सेवा दल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी पुराना बताते हुए कहा गया है कि इसका गठन डॉक्टर नारायण सुब्बाराव हार्डिकर ने 1 जनवरी1925 को की थी जबकि आरएसएस की स्थापना 27 सितंबर 1925 को हुई। अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल का इतिहास बताते हुए प्रेस नोट में कहा गया है कि कांग्रेस सेवा दल के संस्थापक डॉक्टर नारायण सुब्बाराव हार्डिकर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार एक ही साथ पढ़े और बड़े हुए। प्रेस नोट में तो यहां तक कहा गया है कि RSS के संस्थापक पहले कांग्रेस में ही थे। दोनों संगठनों की तुलना करते हुए बताया गया है कि दोनों ही संगठन सैन्य अनुशासन को अपनाते हैं और इस प्रशिक्षण शिविर में भी इसी प्रकार का अनुशासन अपनाया जाएगा। प्रेस नोट में सेवादल को कांग्रेस का पैतृक संगठन भी बताया गया है। इसमें बताया गया है की गठन के समय इसका नाम हिंदुस्तान सेवादल था जो बाद में कांग्रेस सेवादल हो गया। यह प्रेस नोट कांग्रेस सेवादल के भिंड जिला अध्यक्ष बृजकिशोर शर्मा उर्फ कल्लू शर्मा द्वारा जारी किया गया है जो इस शिविर के संयोजक भी हैं।
