कासिम खलील, बुलढाणा(महाराष्ट्र),NIT;
अभी ज़िला परिषद व पंचायत समिति के चुनावी बंदोबस्त से छुटकारा मिला ही था कि महानगर पालिका के चुनाव का बोझ पुलिस प्रशासन पर मंडरा रहा है। लगातार सुरक्षा बंदोबस्त से पुलिस कर्मियों पर शारीरिक एवं मानसिक रूप से तनाव बढ़ जाता है और इसी लिए कई बार पुलिस कर्मी ड्यूटी को लेकर अपने सहयोगियों से ही भिड़ जाते है, हालांकि कई बार ये झड़प अपना वर्चस्व बताने के लिए भी होता है। कुछ ऐसा ही माजरा आज 18 फ़रवरी को बुलढाणा के पुलिस हेड क्वाटर में देखने को मिला जहां दो पुलिस कर्मियों में जमकर “फ्री-स्टाईल” मारपीट हुई, इतन ही नहीं इस विवाद में एक पुलिस कर्मी का पुत्र भी कूद पड़ा और अपने पिता के साथ दूसरे पुलिस कर्मी को पीटने लगा। इस घटना के बाद बुलढाणा के पुलिस मुख्यालय में खलबली मच गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमरावती महानगर पालिका के चुनाव के लिए बुलढाणा पुलिस मुख्यालय के पुलिस कर्मियों की ड्यूटी बंदोबस्त के लिए लगाईं गई है। जिन कर्मियों की ड्यूटी लगी थी वे अमरावती जाने के लिए आज सुबह पुलिस मुख्यालय पर पहुंचे थे, जिनमें पुलिस कर्मी पंजाबराव भीमराव शेलके का भी समावेश था। सभी पुलिस कर्मी अमरावती जाने के लिए गाडी का इंतज़ार कर रहे थे कि पुलिस मुख्यालय में बतौर ड्यूटी मददगार कार्यरत समाधान सुरडकर वहां पहुंचे और उन्होंने पंजाबराव शेलके को अपमानित करते हुए भद्दी भाषा का उपयोग किया जिसका उत्तर शेलके ने भी दिया। बात जब बढ़ने लगी तब सुरडकर ने अपने पुत्र को फोन कर पुलिस मुख्यालय बुलाया और फिर जमकर मारपीट हुई, सउस समय वहां मौजूद अन्य पुलिस कर्मियों ने बिच बचाव कर मामला शांत किया। घटना के बाद पंजाबराव शेलके बुलढाणा शहर थाने में पहुंचे और समाधान सुरडकर और उनके पुत्र के खिलाफ लिखित रूप से शिकायत दर्ज कराई। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया की सुरडकर और उसके पुत्र ने फाइटर की तरह से मारपीट करते हुए उन्हें ज़ख़्मी किया और जेब से नकद 2 हज़ार 700 रुपए और 7 हज़ार 600 का मोबाइल छीन लिए। इसी प्रकार समाधान सुरडकर बने भी पंजाबराव शेलके के खिलाफ दी शिकायत में आरोप किया है कि उन्हें जात की गाली देते हुए सरकारी कागज़ात हाथ से छीन कर फाड़ दिए। पुलिस ने मामले की नोंद स्टेशन डायरी में करते हुए मामला जांच पर रखा है।
इस विषय पर शहर थानेदार अंबादास हिवाले से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि दोनों ही पुलिस कर्मी हैं, और एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, इसलिए एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पहले घटना की जांच की जायेगी उसके बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि झगड़ा करनेवाले दोनों पुलिस कर्मी अपनी-अपनी शिकायत वापस लेने के मुड में हैं।
उधर यह बात आश्चर्य में डालने वाली है कि एक पुलिस कर्मी को पुलिस मुख्यालय में घुसकर पुलिस कर्मी का पुत्र जो पुलिस विभाग में नहीं होने के बावजूद पुलिस कर्मी को पिटता है और वहां मौजूद बाकी पुलिस कर्मी सिर्फ तमाशा देखते हैं???
इस घटना पर ज़्यादा बवाल ना हो इसलिए अब पुलिस अधिकारी किसी भी तरह से इस मामले को रफा-दफा करने की जुगत में नज़र आ रहे हैं। देखना है कि अब आगे यह मामला क्या रुख अपनाता है ?
