स्कूल बस के फिटनेस की शिकायत परिवहन विभाग से करने पर छात्र व अभिभावक को किया जा रहा है प्रताडित, पुलिस थाने में दी गई लिखित शिकायत | New India Times

अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT; 

स्कूल बस के फिटनेस की शिकायत परिवहन विभाग से करने पर छात्र व अभिभावक को किया जा रहा है प्रताडित, पुलिस थाने में दी गई लिखित शिकायत | New India Times​मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थिति सेंट जोसेफ कोएड स्कूल अरेरा कॉलोनी की बस ने 11वीं के छात्र को महज़ इस लिए बस द्वारा ले जाने से इंकार कर दिया कि बच्चे के पिता ने बस खराब होने की शिकायत परिवहन विभाग से कर दी थी।​स्कूल बस के फिटनेस की शिकायत परिवहन विभाग से करने पर छात्र व अभिभावक को किया जा रहा है प्रताडित, पुलिस थाने में दी गई लिखित शिकायत | New India Timesमिली जानकारी के अनुसार विक्रांत रेड्डी फिरदोस नगर निवासी भोपाल का बेटा देव रेड्डी कक्षा 11वीं सेंट जोसफ कोएड स्कूल अरेरा कॉलोनी भोपाल का छात्र है। वह बस क्रामांक MP 04 PA 9950 द्वारा स्कूल आता जाता था। बस के ख़राब होने की सूचना विक्रांत रेड्डी ने कई बार बस संचालक को दी लेकिन वह इसको नज़र अंदाज़ करता रहता था, आखिर कार उन्होंने ने कानून का सहारा लेते हुये इस की शिकायत 27/07/2018/को परिवहन विभाग में कर दी। जब परिवहन अधिकारी द्वारा जांच की गई तो शिकायत सही निकला जिसके चलते अधिकारी द्वारा उक्त नम्बर की बस की फिटनेस निरस्त कर यातायात थाने में जब्त कर दी गई। विक्रांत रेड्डी ने 06/08/2018 को थाना गौतम नगर में एक आवेदन दे कर आरोप लगाया है कि बस का मालिक जेकप और उनका पुत्र टोनी द्वारा मुझे और मेरे बच्चे को गाली गलोच कर परताड़ित किया जा रहा है साथ ही साथ मेर बच्चे को दिनांक 30/07/2018 से बस से नहीं ले जाया रहा है। वहीं स्कूल वालों का कहना है कि एक वर्ष की फीस इनके बच्चे की बाकी है जिस के कारण इन के बच्चे को बस द्वारा नहीं ले जाया जा रहा है। वहीं बच्चे के पिता ने थाने में जो तहरीर दी है उस में दर्शाया गया है कि मेरे द्वारा समय समय पर बस किराया का भुगतान बैंक द्वारा किया गया है जिस का सबूत मेरे पास मौजूद है। अब सवाल यह उठता है कि अगर एक वर्ष से फीस बक़ाया है तो स्कूल द्वारा पहले क्यों नहीं मना किया गया? जब इस सम्बंध में थाना प्रभारी से बात की की गई तो उनका कहना था कि आवेदन मिली है जो उचित होगा वह किया जायेगा।   

अब देखना यह है कि क्या थाना गौतम नगर की पुलिस सच्चाई का पता लगा पाती है या बीच मंजधार में छोड़ कर अपना पल्ला झाड़ लेती है।

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