नदी की धारा में शाम से फंसे स्ट्रीमर सवार लेखपालों व शिक्षकों को सुबह सुरक्षित ठिकाने पर ला पाया प्रशासन | New India Times

वी.के.त्रिवेदी, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT; ​
नदी की धारा में शाम से फंसे स्ट्रीमर सवार लेखपालों व शिक्षकों को सुबह सुरक्षित ठिकाने पर ला पाया प्रशासन | New India Timesउत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी के तिकुनिया एसडीएम केशव नाथ गुप्ता के आदेश पर ग्राम पंचायत सूरत नगर के मजरा गांव चौगुर्जी को विगत दिवस की सुबह 10:30 बजे गांव का जायजा लेने तहसील टीम को घाट ठेकेदार लखीचंद के स्ट्रीमर से भेजा गया था। स्ट्रीमर पर नौ लेखपाल सोनू मौर्य, कोमल कुमार, हेमंत राजपूत, फूल सिंह ,रामयज्ञ यादव ,अनुज कश्यप ,सतीश वर्मा ,कमलेश तिवारी, सुनील शर्मा सहित 3 शिक्षक रमेश कुमार, योगेंद्र मिश्रा, राम नरेश टीम में शामिल थे। यह टीम पूरा दिन गांव में रही, शाम 6:30 बजे तहसील टीम व शिक्षक स्ट्रीमर पर सवार होकर वापस कौडियाला घाट को आने लगे तो चौगुर्जी गांव से कौडियाला घाट नदी के पानी की दूरी करीब 2 किलोमीटर है। गांव से वापस आते समय स्ट्रीमर पर करीब 20 यात्री और सवार हो गए थे, जिन्हें तिकुनिया आना था  वह भी बाइक समेत बैठ लिए। स्ट्रीमर करीब 500 मीटर की दूरी चलकर रुक गया क्योंकि यहां पर जमीन ऊंची थी और पानी कम था जिसके चलते स्ट्रीमर आगे नहीं बढ़ सका। लेखपालों द्वारा इसकी सूचना उपजिलाधिकारी को दी गई, सूचना मिलने पर तहसील प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। रात भर इंतजाम करने के बाद सुबह 3:30 से प्रातः 7 बजे तक फंसे सभी लोगों को कौडियाला घाट पर लाया जा सका, जिससे तहसील प्रशासन की बदइंतजामी की पोल खुल गई है।

सूत्रों के अनुसार चौगुरजी गांव से 6:30 बजे रवाना हुआ स्ट्रीमर 500 मीटर चलने के बाद जब फंसा तो इसकी सूचना लेखपाल ने उपजिलाधिकारी को दी जिससे उपजिलाधिकारी के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी, उन्होंने तत्काल बाढ़ सुरक्षा दल एनडीआरएफ को फोन कर कौडियाला घाट बुलाया, रात करीब 11:00 बजे एनडीआरएफ के 8 जवान दो मोटर वोटों से स्ट्रीमर तक पहुंचे और स्ट्रीमर में फंसे नौ लेखपालों में से 6 लेखपाल व आधा दर्जन यात्री 6 एनडीआरएफ के जवान कौडियाला घाट तक सुरक्षित वापस साढ़े तीन बजे रात आ गए तथा स्ट्रीमर में शेष बचे 3 शिक्षक तीन लेखपाल आधा दर्जन यात्रियों को घाट ठेकेदार लक्खी ने सकुशल पहुंचाया। इस दौरान उपजिलाधिकारी, नायब तहसीलदार, सीओ, प्रभारी निरीक्षक सशस्त्र सीमा बल ,शिक्षक व गांव के लोग डटे रहे।

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